सरायपाली:नीलेश लेफ्टिनेंट के पद पर चयनित


सरायपाली काकाखबरीलाल).तोषगांव के प्रत्येक 1-2 घरों को छोड़कर अधिकांश घरों से एक न एक युवक शिक्षा , स्वास्थ्य ,पुलिस , सेना व अन्य शासकीय विभागों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं । यह उपलब्धि अभी की नही वर्षो पहले से है । इसी गांव से स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व.जयदेव सतपथी का नाम भी इतिहास से जुड़ा हैं जिन्होंने शिक्षा को प्राथमिकता देते हुवे फुलझर सेवा समिति का गठन कर इसके बैनर तले अनेक शिक्षण संस्थाओं का संचालन बखूबी किया जा रहा है । इनके परिवार में भी अनेक सदस्य स्वास्थ्य , पुलिस व शिक्षा विभाग में सेवाएं दे रहे हैं । स्वतंत्रता दिवस के पूर्व से स्व.जयदेव सतपथी द्वारा प्रारम्भ किये गए गांधी यात्रा को आज भी उनके पुत्र विद्याभूषण सतपथी द्वारा प्रत्येक वर्ष गांधी जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित किया जाता है।
इसी कड़ी में ग्राम तोषगांव के युवक नीलेश प्रधान ने इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए उनका चयन भारतीय थल सेना में लेफ्टिनेंट के पद पर होने से तोषगांव के साथ ही सरायपाली क्षेत्र को भी गौरवान्वित किया है। इसके साथ ही क्षेत्र से अनेक युवा सेना के विभिन्न क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। निलेश ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा अंचल के एक निजी विद्यालय में प्राप्त की निलेश कम उम्र के थे जब उनके पिता का देहांत हो गया। निलेश के पिता स्व.अक्षय प्रधान का सपना था कि उनके सुपत्र देश की सेवा करेंगे ।पिता के गुजर जाने के बाद निलेश अपनी माता सुदेष्टा प्रधान (वर्तमान में शास.उच्च. माध्यमिक विद्यालय किसड़ी में पदस्थ हैं ) की छत्रछाया में रहकर पढाई जारी रखी और कक्षा 5 वीं में निलेश ने सैनिक स्कूल एवं नवोदय की दोनों की परीक्षा दी निलेश ने दोनों परीक्षा में सफलता हासिल की लेकिन उनके पिताजी का सपना पूरा करने के लिए निलेश कक्षा 6 वीं में राज्य के एकमात्र सैनिक स्कूल अंबिकापुर में एडमिशन लिए। कक्षा 6वीं से कक्षा 12वीं तक की पढाई सैनिक स्कूल अंबिकापुर में की और अपने पहले प्रयास में राष्ट्रीय रक्षा एकादमी पुणे में चयन होकर ट्रेनिंग शुरू की ।
निलेश ने पुणे में अपनी ट्रेनिंग के साथ साथ ग्रेजुएशन भी पूरी की 3 साल पश्चात निलेश अपनी ट्रेनिंग को आगे बढ़ाते हुए भारतीय सैन्य अकादमी देहरादून में एक साल की ट्रेनिंग पूरी की।अब लेफ्टिनेंट निलेश प्रधान भारत की रक्षा के लिए भारतीय थल सेना में देश की सेवा करेंगे। निलेश प्रधान के कमीशन होने पर उनके दादाजी श्री चितरंजन प्रधान एवं उनके परिवार एवं ग्राम तोषगांव सहित पूरे फुलझर अंचल ने भी हर्ष व्यक्त करते हुए बधाई दी है ।




























