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भव्य कलश यात्रा से शुरू हुआ देवांगन समाज का माँ परमेश्वरी महोत्सव, 200 से अधिक महिलाओं ने सर पर कलश रख किया कलश यात्रा


गायिका पुष्पा वैष्णव के भजन में जमकर थिरके युवा

विजय चौहान,भंवरपुर@काकाखबरीलाल। भंवरपुर में देवांगन समाज के द्वारा माँ परमेश्वरी महोत्सव का आगाज आज दिनांक 30 जनवरी को भव्य कलश यात्रा के साथ शुरू हो चुका है जो 6 फरवरी तक चलेगा। भंवरपुर देवांगन समाज के द्वारा किये जा रहे इस महोत्सव में प्रथम दिवश कलश यात्रा एंव माता परमेश्वरी मूर्ति स्थापना के साथ सम्पन्न हुआ जिसमें देवांगन समाज के महिलाएं एंव युवतियों के द्वारा भव्य कलश यात्रा निकाला गया।

स्वयम्भू शिव शंकर की नगरी व गड़वासिनी माँ शर्मो दाई के पावन धरा भंवरपुर में माँ परमेश्वरी पुराण महोत्सव का पुनः भव्य आयोजन होने जा रहा है। देवांगन समाज भंवरपुर के तत्वावधान में 07 दिवस के होने वाले इस आयोजन में विविध प्रकार के कथाओं के साथ यह आयोजन होने जा रहा है। जिसमे माँ परमेश्वरी महोत्सव का शुभारंभ लगभग 251 महिलाओं ने भव्य कलश यात्रा के साथ किया । इस भव्य कलश यात्रा में छत्तीसगढ़ के गायिका पुष्पा वैष्णव की जसगीत पर युवा झूमते नजर आए। वही सामाजिक जनों द्वारा गाजे बाजे सहित सर पर कलश लिए भव्य जुलूस निकाला गया।
विशाल कलश यात्रा बाजार पड़ाव से निकलकर अटल चौंक होते हुए रानीसागर तालाब से कलश में जल भरकर लाया गया।
इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाजे गाजे के साथ झूमते रहे। कलश यात्रा में समाज के युवाओं में काफी उत्साह नजर आया। आयोजन को देखते हुए भंवरपुर चौंकी प्रभारी के निर्देशन में चौंकी के जवान यातायात व्यवस्था दुरुस्त कराते हुए नजर आए।

एक ही परिधान में नजर आए युवा

देवांगन समाज के युवाओं में खासा उत्साह देखने को मिला लगभग सभी युवा एक ही परिधान में नजर आए, सभी युवाओं ने पिला कुर्ता पहना हुआ था जो बहुत ही आकर्षक लग रहा था। साथ ही 200 से अधिक महिलाओं एंव कन्याओं ने अपने सर पर कलश रखके गांव भ्रमण करते हुए जल लेकर वापस आये जो बहुत ही सुव्यवस्थित एंव सुंदर लग रहा था।

कार्यक्रम की रुपरेखा इस प्रकार है :

प्रथम दिन भव्य रोड़ शो के साथ कलश यात्रा एवं माता परमेश्वरी मूर्ति स्थापना पूजन तथा कथा परिचय, 31 जनवरी को सृष्टि उत्पत्ति कथा एवं देवी उत्पत्ति कथा 1 फरवरी को दीपचंद माता हरणी जन्म एवं विवाह कथा 2 फरवरी को गोत्र उत्पत्ति तथा वस्त्र निर्माण, गर्भ चरित्र तथा महिषासुर जन्म एवं वध कथा, 3 फरवरी को बड़की मंझली एवं छोटकी माता जन्म कथा, पीढ़ी पूजा, 4 फरवरी को कलिकाल में गोत्र उत्पत्ति कथा, चढ़ोत्तरी, 5 फरवरी को सहस्वधारा कुमारी पूजन एवं महाप्रसाद भंडारा का आयोजन होगा। 6 फरवरी को शोभायात्रा के साथ माता की विदाई का कार्यक्रम रखा गया है। कथा का समय दोपहर 3 बजे से होगा। प्रातः कालीन आरती सुबह 8 बजे तथा रात्रि कालीन आरती संध्या 7 बजे होगी। देवांगन समाज द्वारा माता रानी की अलौकिक गाथा, कोसा वस्त्र का निर्माण, देवांगनों की उत्पत्ति की कथा का रसपान करने भक्तों को कथा श्रवण करने हेतु पंहुचने कहा ।

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