नवरात्रि के दूसरे दिन करें देवी ब्रह्मचारिणी की पूजा, चंद्रमा बदलेगा राशि

23 सितंबर 2025, मंगलवार को आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की द्वितिया तिथि पूरे दिन रहेगी। ये शारदीय नवरात्रि का दूसरा दिन रहेगा, इस दिन देवी ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाएगी। मंगलवार को द्विपुष्कर, ब्रह्म, इंद्र, सौम्य और ध्वांक्ष नाम के 5 शुभ-अशुभ योग बनेंगे। आगे पंचांग से जानें कौन-सा ग्रह किस राशि में रहेगा, शुभ-अशुभ समय और राहुकाल की टाइमिंग की डिटेल…
23 सितंबर 2025 को ग्रहों की स्थिति
मंगलवार की रात चंद्रमा कन्या से निकलकर तुला राशि में प्रवेश करेगा। इस राशि में पहले से मंगल स्थित है। तुला राशि में मंगल और चंद्रमा की युति लक्ष्मी नाम का शुभ योग बनेगा। इस दिन सूर्य और बुध कन्या राशि में, शुक्र और केतु सिंह राशि में, गुरु मिथुन राशि में, शनि मीन राशि में और राहु कुंभ राशि में रहेगा।
मंगलवार को किस दिशा में यात्रा न करें?
दिशा शूल के अनुसार, मंगलवार को उत्तर दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिए। यदि निकलना पड़े तो गुड़ खाकर यात्रा पर जाना चाहिए। इस दिन राहुकाल दोपहर 03 बजकर 18 मिनिट से शुरू होगा जो 04 बजकर 48 मिनिट तक रहेगा। राहुकाल में कोई भी शुभ काम न करें।
23 सितंबर 2025 सूर्य-चंद्रमा उदय का समय
विक्रम संवत- 2082
मास- आश्विन
पक्ष- शुक्ल
दिन- मंगलवार
ऋतु- शरद
नक्षत्र- हस्त और चित्रा
करण- बालव और कौलव
सूर्योदय – 6:19 AM
सूर्यास्त – 6:18 PM
चन्द्रोदय – Sep 23 7:21 AM
चन्द्रास्त – Sep 23 7:08 PM
23 सितंबर 2025 के शुभ मुहूर्त
सुबह 09:19 से 10:49 तक
सुबह 10:49 से दोपहर 12:19 तक
दोपहर 11:55 से 12:43 तक (अभिजीत मुहूर्त)
दोपहर 12:19 से 01:49 तक
दोपहर 03:18 से शाम 04:48 तक
23 सितंबर 2025 का अशुभ समय (इस दौरान कोई भी शुभ काम न करें)
यम गण्ड – 9:19 AM – 10:49 AM
कुलिक – 12:19 PM – 1:49 PM
दुर्मुहूर्त – 08:43 AM – 09:31 AM और 11:07 PM – 11:55 PM
वर्ज्यम् – 10:32 PM – 12:18 AM





























