सरायपाली : कर्मचारी ने समिति अध्यक्ष और सचिव का फर्जी हस्ताक्षर कर निकाली लाखों रुपये…… वन मंत्री, कलेक्टर व वन मंडल अधिकारी से शिकायत

बलौदा क्षेत्र के जामपाली वन परिक्षेत्र में एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। एक दैवेभो कर्मचारी ने समिति के खाते से वन प्रबंधन समिति के अध्यक्ष-सचिव के बिना जानकारी के ही उनका फर्जी हस्ताक्षर कर एक लाख से अधिक राशि गबन किया था। इसके बाद कार्रवाई के डर से उसी व्यक्ति के द्वारा पुन: राशि खाते में जमा की गई है।इसकी शिकायत वन समिति के एक सदस्य ने वन मंत्री, कलेक्टर व वन मंडल अधिकारी महासमुंद से कर जांच कार्रवाई की मांग की है। मालूम हो कि वन परिक्षेत्र में जंगल की सुरक्षा के लिए सुरक्षा श्रमिक रखा जाता है।
सुरक्षा श्रमिकों से लिए गए कार्यानुरुप वन प्रबंधन समिति विभाग को मांग पत्र भेजती है। राशि स्वीकृत होने पर वन मंडलाधिकारी की ओर से श्रमिक भुगतान के लिए राशि आहरण की अनुमति दी जाती है। जामपाली में राशि आहरण के जारी आदेश को एक दैनिक वेतन भोगी के द्वारा छेड़छाड़ कर एक आदेश से दो-दो बार राशि आहरण किए जाने का मामला सामने आया है। ग्राम जामपाली परिक्षेत्र में वन प्रबंधन समिति को सुरक्षा व रखरखाव के लिए वनमंडलाधिकारी वन मंडल के द्वारा 20.5.2020 को पत्र (क्रमांक1176) जारी कर समिति के खाता से श्रमिक भुगतान देने आदेश जारी किया गया था। जिसका वन प्रबंधन के द्वारा 2.7.2020 को 60000 रुपए आहरण किया गया। शिकायतकर्ता ने सीएम से शिकायत करने की बात कही।
इन तिथियों को निकाली राशि
इसी पत्र को सुधार कर 20 मई 2021 दर्शाकर व राशि को 40000 रुपए अंकित कर एक दैनिक वेतन भोगी के द्वारा 02.02.2022 को 40000 रुपए निकाल लिया गया और एक अन्य आदेश पत्र क्रमांक 1406 आदेश दिनांक 21.04.2021 को राशि आहरण के लिए आदेश जारी हुआ था। वन प्रबंधन समिति के द्वारा 20 मई 2021 को 72850 रुपए आहरण किया गया था। उक्त पत्र क्रमांक से ही दोबारा 16.11.2021 को उसी दैनिक वेतन भोगी के द्वारा 72850 रुपए वन प्रबंधन समिति अध्यक्ष व सचिव का फर्जी हस्ताक्षर कर पुन: आहरण किया गया है।
इस तरह हुआ मामले का खुलासा
दरअसल, वन समिति को कैशबुक बनाने की आवश्यकता हुई और बैंक से आहरण पर्ची की मांग की गई। पासबुक एंट्री करवाई गई तो पता चला कि एक बार निकाली गई राशि का दो-दो बार उल्लेख था और निकाली गई आहरण पर्ची में भी अध्यक्ष-सचिव का हस्ताक्षर मिलान नहीं खा रहा था। पता चला कि एक दैनिक वेतन भोगी फर्जी तरीके से उनका हस्ताक्षर कर राशि आहरण कर लिया था। राशि आहरण के बाद उक्त व्यक्ति के खिलाफ शिकायत करने के बाद मामला गरमाया तो कार्रवाई के डर से दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी पुन: सभी राशि खाते में जमा की। वन समिति की स्थाई सदस्य जयलाल पटेल ने वन मंत्री, कलेक्टर, वनमंडल अधिकारी को फर्जीवाड़ा कर राशि आहरण करने वाले के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। शिकायतकर्ता जयलाल पटेल ने कहा है कि वन विभाग बलौदा क्षेत्र में दैनिक वेतन भोगी के रूप में पदस्थ प्रकाश भोई के द्वारा राशि फर्जी तरीके से निकाला गया है।
वन परिक्षेत्र अधिकारी सरायपाली आरएल व्यवहार से पूछे जाने पर कहा कि मामला संज्ञान में आया है। दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी को वन मंडल अधिकारी महासमुंद के आदेश पर कार्य से विमुक्त किया गया है। आगे जो भी दिशा-निर्देश उच्च अधिकारियों से प्राप्त होगा, उस आधार पर कार्रवाई होगी।





























