महांसमुद: युवक के सुसाइड नोट मामले में कलेक्टर ने कहा-पात्र अभ्यर्थियों को परेशान होने की जरूरत नहीं है

भर्ती प्रक्रिया में देरी के खिलाफ कल एक युवक आत्महत्या की कोशिश मामले में कलेक्टर निलेश कुमार क्षीरसागर ने कहा है कि उक्त भर्ती प्रक्रिया में कई विसंगतियां पाई गई थीं। इसे लेकर चारों विधायकों ने शिकायत की थी। शिकायत पर जांच टीम का गठन किया गया। जांच के दौरान विसंगतियां मिली है। उन्होंने कहा कि पात्र अभ्यर्थियों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। विधायक एव ंसंसदीय सचिव ने इस मामले में कहा है कि भर्ती प्रक्रिया को लेकर आवेदनकर्ताओं ने लिखित में शिकायत की थी। इसी के आधार पर मामले की जांच के लिए पत्र लिखा था। जांच में यह साबित भी हुआ है कि प्रक्रिया में कई विसंगतिया हैं।
गौरतलब है कि सोमवार को कलेक्टोरेट कार्यालय में उस वक्त हडक़ंप मच गया, जब राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत जिले में 74 पदों पर होने वाली भर्ती प्रक्रिया में चयनित एक युवक ने कलेक्टर के नाम सुसाइड नोट भेज दिया। चयनित अभ्यर्थियों में से एक युवक ने हाथ से लिखा सुसाइड नोट कलेक्टोरेट के आवक-जावक शाखा में जमा किया। आवक-जावक शाखा में बैठे कर्मचारी ने युवक के सुसाइड नोट पर पावती भी दे दी।
सूचना मिलते ही मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। इस दौरान विभिन्न पदों पर चयनित अभ्यर्थियों के साथ पूर्व विधायक डॉ. विमल चोपड़ा, सांसद कार्यालय प्रभारी मोहन साहू, पवन साहू सहित अन्य मौजूद थे। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत नर्सिंग ऑफिसर के पद पर चयनित युवक बसना निवासी 26 वर्षीय ब्रजेश पति ने अपने सुसाइड नोट में लिखा है कि वह साल 2018 से चार बार विभिन्न पदों पर चयनित हो चुका है। लेकिन राजनीति के चलते उसकी पदस्थापना अब तक नहीं हो पाई है।
युवक ने अपने नोट में स्थानीय विधायक, उनके पीए और अपर कलेक्टर को जिम्मेदार ठहराते हुए विभिन्न पदों पर चयनित अन्य अभ्यर्थियों को उनका हक दिलाने की बात लिखी है। अपर कलेक्टर ओपी कोसरिया ने इस मामले में कुछ भी कहने से साफ इंकार कर दिया। वहीं कलेक्टर निलेश कुमार क्षीरसागर ने कहा कि इस तरह से सुसाइड नोट देना गलत है। कार्रवाई की जाएगी। दो जुलाई 2021 को भर्ती के लिए विज्ञापन जारी हुआ था। वहीं 1 फरवरी 2022 को अंतिम चयन सूची जारी हुई थी, लेकिन ज्वाइनिंग अब तक नहीं दी गई।


























