महांसमुद: लंबित महंगाई भत्ता सहित विभिन्न मांगों को लेकर छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने दी चेतावनी

लंबित महंगाई भत्ता सहित विभिन्न मांगों को लेकर छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने महंगाई भत्ता संघर्ष मोर्चा के बैनर तले प्रदर्शन किया और रैली निकालकर डीईओ कार्यालय का घेराव किया। इसके बाद मुख्यमंत्री के नाम डीईओ सौरिन चंद्रसेन को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान चेतावनी भी दी कि यदि जल्द ही शासन उनकी मांगों पर विचार नहीं करेगा तो सभी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।
गौरतलब है कि इस आंदोलन के लिए शिक्षकों ने एक दिन का आकस्मिक अवकाश लेकर प्रदर्शन किया है। एसोसिएशन के तय कार्यक्रम के अनुसार बुधवार सैकड़ों शिक्षक एक दिन का सामूहिक अवकाश लेकर तेज धूप में जिला शिक्षा कार्यालय के सामने जुटे। यहां पेड़ के नीचे धरना देकर अपनी आवाज बुलंद की। शिक्षकों ने कहा कि वर्तमान महंगाई की मार कर्मचारियों पर भारी पड़ रही है। वेतन में अभी मात्र 17 प्रतिशत महंगाई भत्ता दिया जा रहा है। जबकि परंपरा व नियमानुसार कर्मचारियों को 34 प्रतिशत महंगाई भत्ता दिया जाना चाहिए। केंद्र व अन्य राज्य 34 प्रतिशत महंगाई भत्ता दे रहे हैं। छग राज्य में कर्मचारी महंगाई भत्ता में केंद्र से 17 प्रतिशत पीछे है। जिससे उन्हें प्रतिमाह 5 हजार से लेकर 14 हजार तक कम वेतन मिल रहा है।
इनका कहना है कि इससे शिक्षक व कर्मचारियों में सरकार के प्रति भारी नाराजगी है। सातवें वेतनमान को लागू हुए लगभग 6 वर्ष हो चुके हैं लेकिन आज तक शासन ने गृहभाड़ा भत्ते पर कोई विचार नहीं किया है। शिक्षकों ने धरना स्थल से रैली निकाली और जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय पहुंचे। यहां भी शिक्षकों ने नारेबाजी की। इसके बाद अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम का ज्ञापन जिला शिक्षा अधिकारी सौरिन चंद्रसेन को ज्ञापन सौंपा और स्पष्ट चेतावनी दी कि उक्त दोनों मांगों पर शासन विचार करते हुए त्वरित निर्णय कर आदेश जारी करें अन्यथा महंगाई भत्ता संघर्ष मोर्चा के बैनर तले अनिश्चितकालीन हड़ताल के लिए बाध्य होंगे।



























