तैरना नहीं आता था फिर भी पानी में कूदकर बचाई दोस्त की जान, अमन ज्योति को मिलेगा राष्ट्रीय बाल वीरता पुरस्कार

कोरबा जिला निवासी 15 वर्षीय अमन ज्योति जाहिरे को राष्ट्रीय बाल वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। अमन ज्योति ने अपने एक दोस्त की पानी में डूबते समय जान बचाई थी। खास बात यह है कि अमन ज्योति (Aman Jyoti) को खुद तैरना नहीं आता था, इसके बावजूद उसने साहस दिखाया। अमन ज्योति को इस कार्य के लिए राज्य बाल वीरता पुरस्कार से 26 जनवरी को राज्यपाल (Chhattisgarh Governor) द्वारा सम्मानित किया जा चुका है। अब उसका चयन राष्ट्रीय बालक वीरता पुरस्कार (National Bravery Award) के लिए किया गया है।गौरलब है कि 1 अगस्त 2021 फ्रेंडशिप डे के दिन दोपहर करीब 2 बजे अपने एक मित्र का जन्मदिन मनाने कोरबा जिला निवासी अमन ज्योति जाहिरे पिता ब्रम्ह ज्योति जाहिरे 15 वर्ष शहर से 20 किलोमीटर दूर पिकनिक स्पॉट परसाखोला झरना के पास गया था।इसी दौरान कक्षा 12 वीं में अध्ययनरत छात्र आशीष ठाकुर झरने के किनारे हाथ-पैर धोने लगा। इसी बीच उसका पैर चट्टान में अचानक फिसल गया और वह पानी की तेज धार में बहने लगा। आगे गहरी खाई थी जिसमें गिरने से निश्चित ही उसकी जान जा सकती थी। यह देख वहां मौजूद अमन ज्योति के अन्य दोस्तों ने आशीष को बचाने शोर मचाया क्योंकि उन्हें तैरना नहीं आता था।यह देख अमन ज्योति ने तैरना नहीं आने के बावजूद दोस्त की जान बचाने खुद पानी में छलांग लगा दी। इस बीच उसने चट्टानों में फिसलत दोस्त को रोक लिया और साहस तथा सूझबूझ से पानी से निकाल लाया। इसके बाद उसे दोस्तों की मदद से अस्पताल लाया। यहां डॉक्टरों ने उसके पेट से पानी निकाला और जान बचा ली।दोस्त आशीष की जान बचाने अपनी जान की परवाह न करते हुए जो साहस अमन ज्योति ने दिखाया वह तारीफ के काबिल है। पानी में छलांग लगाने के बाद वह खुद चोटिल हो गया था। चट्टानों के कारण उसके हाथ, सीने व शरीर के अन्य हिस्से में चोटें आई थीं। अमन ज्योति (Aman Jyoti) के साहस के कारण ही उसके दोस्त की जान बच पाई।अमन ज्योति को इस कार्य के लिए राज्य बाल वीरता पुरस्कार से 26 जनवरी को राज्यपाल (Chhattisgarh Governor) द्वारा सम्मानित किया जा चुका है। अब उसका चयन राष्ट्रीय बालक वीरता पुरस्कार (National Bravery Award) के लिए किया गया है।

























