
नन्दकिशोर अग्रवाल।पिथौरा– नगर। नगर से लगे ग्राम लखागढ़ एवं पिथौरा स्थित एकमात्र उपयोगी तालाब अवैध कब्जे व कचरे का गडढ बनता जा रहा है। तालाब को संरक्षण अगर नही किया गया तो प्यास मिटाने में प्रमुख भूमिका निभाने वाला यह तालाब अपना अस्तित्व खो देगा। कभी पांच हजार लोगों की प्यास बुझाने वाला निर्मल जल वाला तालाब अब गंदगी और कीचड़ में तब्दील होता जा रहा है। हजारों लोगो के निस्तारी का साधन अब सिर्फ कूड़े करकट डालने के काम आने लगा है। दशक पूर्व विशाल सागर सा दिखने वाला तालाब अवैध कब्जों की चपेट में आकर सिकुड़ गया है। बताया जाता है 152 एकड़ का एकमात्र तालाब हुआ करता था, जिसमे नगर पिथौरा एवम् लखागढ़ की जनता के नियमित रूप से पानी का उपयोग करती थी। उल्लेखनीय है ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाले तालाब को स्थानीय लोगों की असहमति के बावजूद तालाब को दो भागों में बाटा गया उसके बाद जैसे जैसे जल स्तर में गिरावट आते गयी कुछ लोगो ने तालाब के भीतर धीरे-धीरे कब्ज़ा कर अपने मकान तान दिए। सुप्रीम कोर्ट का स्पष्ट निर्देश तालाबों के संरक्षण हो है कि तालाब और तालाबों के पानी आने के रास्तों में कब्जा पूर्णत: रोका जाना चाहिए मगर स्थानीय प्रशासन वोट की राजनीति के कारण तालाबों के सरंक्षण के प्रति उदासीन नजर आती है। आज तक तालाबों मं न कब्जा रोका गया है न पानी आने के स्रोतों को बचाने का प्रयास किया गया है। जिसके चलते गांव के तालाब धीरे धीरे दम तोड़ रहे हैं।
आस्था के ऊपर कचरा हावी
विश्व में सबसे ज्यदा आस्था रखने वाले भारत देश की विडम्बना है की तालाब में शिव मंदिर होने के बावजूद यह लोग कूड़े कचरे समेत अनेक प्रकार की गंदगी फैलाते है।
विषाक्त पानी
किसी समय तालाब का पानी इतना निर्मल था कि लोग इसके पानी को पीने में भी उपयोग में लाते थे। मोहल्ले की गंदगी बहकर अब गंदे नाले के रूप में तालाबों में जाकर उसे दूषित और विषाक्त कर रही है। प्रदूषित पानी का उपयोग नागरिकों के स्वास्थ्य पर कितना खराब असर डालता है यह सभी जानते हैं। भराव न होने के कारण तालाब गर्मी आने के पहले हो सुख गया है। जिसका गहरीकरण एवम् सफाई की नितांत आवश्यकता है। अब यह इतिहास हो गया कि इसमें सिक्का फेकने से तल में पड़ा सिक्का निर्मल जल होने से नजर आता था। पुराने बोर भी तालाब में पानी रहने से कभी नही सूखते थे मगर इसमें भी अब समस्या आने लगी है जिससे पानी की मार दोहरी पड़ रही है।































