रायपुर

कोरोना के कारण अपनों का अस्थि लेने नहीं पहुंचे थे परिजन, महादेव घाट में 200 अस्थि कलश का हिंदू रीति रिवाज से हुआ विसर्जन

रायपुर( काकाखबरीलाल). कोरोना के कारण लाखों परिवारों ने अपनों को खोया है. लेकिन कई ऐसे परिवार थे, जो अंतिम संस्कार के बाद अपनों के अस्थियों को लेने पहुंचे. तब कांग्रेस नेता विनोद तिवारी ने एक सार्थक पहल की. मंगलवार को रायपुर के महादेव घाट में 200 अस्थि कलश का धार्मिक रीति रिवाज से विसर्जन किया गया.कलेक्टर सौरभ कुमार से अस्थियों के विसर्जन के लिए अनुमति ली गई थी. उसके बाद महादेव घाट में दोपहर 1 बजे 200 अस्थि कलश का हिंदू परम्परा अनुसार पूर्ण विधि विधान से पूजा पाठ कर वसर्जन किया गया. इस विसर्जन के दौरान महादेव घाट में उपस्थित लोग भी इस पुण्य कार्य में भागीदार बने. अस्थि विसर्जन किए जाने की सराहना भी की. कांग्रेसी नेता विनोद तिवारी और उनके साथियों ने इन अस्थियों का विसर्जन कर अपनी सामाजिक जिम्मेदारी को निभाया.विनोद तिवारी ने बताया कि बीते कुछ महीनों में कोरोना महामारी से सैकड़ों की जान गई. बेहद कठिन समय और विपरीत हालात में प्रशासन ने मृतकों का अंतिम संस्कार किया. अपनी जान जोखिम में डालकर प्रशासन के अधिकारी कर्मचारियों ने मृतकों को आखिरी विदाई दी. कुछ अज्ञात व्यक्तियों का भी इस दौरान अंतिम संस्कार किया गया. प्रशासन ने अपना कर्तव्य का निर्वाह करते हुए करीब सैकड़ों ज्ञात अज्ञात मृतकों की अस्थियां भी एकत्रित कर सुरक्षित रखा.

उन्होंने बताया कि हिंदू परंपरा के मुताबिक तीसरे दिन ही अस्थियां चुनकर किसी पवित्र नदी में विसर्जित किया जाता है. लंबे समय बाद यह उम्मीद भी नहीं थी कि मृतकों के परिजन महीनों बाद अब उन अस्थियों को लेने आएंगे. ऐसे में हमारा सामाजिक दायित्व था कि मृतकों की अस्थियों को हिंदू परंपराओं और पूर्ण विधि विधान से आखिरी विदाई दी जाए.

रायपुर में अकेले 3126 लोगों ने कोरोना से गंवाई जान

बता दें कि राजधानी रायपुर में कोरोना वायरस से अब तक 1 लाख 57 हजार 27 लोग संक्रमित मिल चुके हैं. जिसमें से 1 लाख 53 हजार 565 मरीज ठीक होने के बाद डिस्चार्ज किए जा चुके हैं. वहीं 3 हजार 126 लोगों ने कोरोना से जान गंवाई है. अभी वर्तमान में 336 एक्टिव केस हैं.

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छत्तरसिंग पटेल

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