गिरते जल स्तर से किसान मायुस,फसल छोड़ना पड़ सकता है पशुओं के हवाले.?

सरायपाली।लगातार गिर रहें जल स्तर से किसानों को अपनी फसल बचाने के लिए एडी चोटी एक करना पड़ रहा है. तो कहीं कहीं किसान जागरुक दिखाई देते हैं, कुआँ व अन्य तरीके का गढढा बनाकर उसमें पानी भरकर फसल बचाने की कोशिश कर रहे हैं, तो कुछ जगहों पर पानी के अभाव में हिम्मत हार चुके हैं कुछ गाँव में फसल न होता देखकर पशुओं को चराने के लिए छोड़ दिया जा रहा है. खेतों में अब धान नहीं होगा लेकिन पशुओं को चारे कि ब्यवस्था जरूर हो जायेगी इसी को ध्यान में रखकर पशुओं को चराने के लिए छोड़ दिया जाता है.
आधिकांश गाँव में सुखे जैसे स्थिति बन रही
अंचल के अनैक गाँव में चकरदा, नुनपानी, मुनधा समेत और अनेक गाँव में सुखा जैसे हालात है. बीते वर्ष भी अच्छी बारिश न होने के कारण सभी तरफ सुखा का वातावरण रहा एवं इस वर्ष भी यही आलम है. जल स्तर काफी नीचे जाने के कारण सम्पन्न किसान किसी तरह से ट्यूबवेल कि गहराई बढ़ाकर या जहाँ पानी कि भरमार है वहाँ से पाईप लगाकर सिचाई कर लेते हैं. परंतु जो किसान इन उपायों को नहीं कर पाते हैं वे अपनी फसल को समाप्त होते देख सिवाय उनके पास कोई चारा नहीं होता है . फसल के लिए पानी की समुचित प्रबंध नहीं होने के कारण यह स्थिति उतपन्न हो गया है.
छतरसिग पटेल की रिपोर्ट





























