महासमुंद(काकाखबरीलाल)। जिले में 6 माह के भीतर कुल 199 लोगों ने आत्महत्या कर अपनी जान दे दी है इनमें मरने वालों में महिलाओं की अपेक्षा पुरुष की संख्या सबसे अधिक है जिले में आत्महत्या के सबसे अधिक मामले बसना थाना क्षेत्र में जबकि सबसे कम मामले कोमाखान थाना क्षेत्र में सामने आए हैं इधर मनोवैज्ञानिक चिकित्सकों की माने तो आत्महत्या की सबसे बड़ी वजह अवसाद है पुलिस विभाग से मिले आंकड़ों के मुताबिक जनवरी 2020 से जून 2020 तक महासमुंद जिले के थानों में आत्महत्या के कुल 199 मामले दर्ज किए गए हैं इनमें जान देने वालों में पुरुष की संख्या कुल 152 है जबकि महिलाओं की संख्या मात्र 47 है जिले के विभिन्न थानों में दर्ज किए गए आत्महत्या के मामलों में वृद्ध से लेकर एक नाबालिग भी शामिल है आत्महत्या के बढ़ते मामलों की वजह चिकित्सकों के अनुसार अवसाद है जिसकी वजह से लोग आत्महत्या कर अपनी जान गवाते हैं
एक ही दिन में सामने आए थे आत्महत्या के 6 मामले
जिले में 2 जुलाई को आत्महत्या के करीब 6 मामले एक साथ सामने आए थे जिसमें 6 लोगों ने फांसी लगाकर जान दी थी जानकारी के मुताबिक खल्लारी के मोहंदी सागौन प्लाट में दो अज्ञात महिला पुरुष की फांसी पर लटकी हुई लाश पाई गई थी जबकि थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक अन्य मामले में एक और युवक की लाश फांसी पर लटकी हुई पाई गई थी, बसना के ग्राम बाराडोली में एक युवक ने व पटेवा के ग्राम नवागांव निवासी एक नाबालिग ने, पिथौरा के लाखागढ़ में एक युवक व कोमाखान क्षेत्र के द्वारतरा में एक व्यक्ति ने जंगल में फांसी लगाकर जान दी थी खलारी थाना क्षेत्र में 28 साल के अज्ञात युवक की लाश फांसी पर लटकी हुई पाई गई थी।
जानकारी के मुताबिक महासमुंद में 22 पुरुष व 03 महिला, तुमगांव में 9 पुरुष 1 महिला, खल्लारी में 19 पुरुष 4 महिला, बागबाहरा में 21 पुरुष 8 महिला, कोमाखान में 4 पुरुष, तेंदूकोना में 9 पुरुष 3, पटेवा में 8 पुरुष 3 महिला, पिथौरा में 15 पुरुष 6 महिला, सांकरा में 7 पुरुष 2 महिला, बसना में 26 पुरुष 9 महिला, सरायपाली में 7 पुरुष 6 महिला, सिंघोड़ा में 5 पुरुष 2 महिला ने आत्महत्या की है इसमें सबसे अधिक बसना में महिला पुरुष मिलाकर कुल 35 और कोमाखान में केवल 4 पुरुषों ने आत्महत्या की है।
























