भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ के श्रमिकों को वापस लाने के सरकार से स्पेशल ट्रेन चलाने की बात कही

(रायपुर काकाखबरीलाल).
लाॅकडाउन के दौरान देश के अलग-अलग हिस्सों में फंसे छत्तीसगढ़ के श्रमिकों को वापस लाने के लिए सरकार ने फिर एक कोशिश की है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्र सरकार से श्रमिकों के लिए स्पेशल ट्रेन चलाने की बात कही है। उन्होंने कहा है कि इसके लिए वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात करेंगे। इससे पहले छत्तीसगढ़ के श्रमिकों की वापसी के लिए भारत सरकार को पत्र भी लिखा गया है।
देश में जहां छात्र लाए जा रहे हैं, वहीं मजदूरों को भी लाने की सुविधा हो। इसके लिए स्पेशल ट्रेन चलाई जाए। उन्होंने कहा कि जैसे ट्रेन दिल्ली से चले तो सीधे छत्तीसगढ़ आए। बीच के किसी स्टेशन पर उसे नहीं रोका जाए। सीएम बघेल ने कहा, जिन राज्यों में भी हमारे मजदूर फंसे हुए हैं। वह वापस आना चाहते हैं, लेकिन लॉकडाउन के कारण नहीं आ पा रहे हैं।
सूरजपुर में अन्य जिलों से फंसे करीब 631 श्रमिकों को 31 राहत केंद्रों में रुकवाया गया है। एक ओर जहां उन्हें भोजन, रहने के लिए सुविधा और खेल सामग्री उपलब्ध कराई गई है, वहीं रोजगार के अवसर भी दिए हैं। रोज की मजदूरी का नुकसान न हो इसे देखते हुए शिविर में ही बांस के ट्री गार्ड बनवाए जा रहे हैं। इन्हें वन विभाग खरीद रहा है। ट्री गार्ड निर्माण से दो दिनों में ही श्रमिकों को करीब 30 हजार रुपए से अधिक का भुगतान किया गया है।
लॉकडाउन के दौरान अन्य जिलों व दूसरे राज्यों में फंसे श्रमिकों का डाटा तैयार करने का निर्देश कोरिया जिला प्रशासन ने दिया है। इस सूची में चार श्रेणियां बनाने को कहा है। इसमें प्रदेश के अन्य जिलों में रह रहे कोरिया के श्रमिकों की जानकारी, दूसरी श्रेणी में कोरिया से दूसरे जिले में जाने वाले, तीसरी श्रेणी में दूसरे राज्य में जाने वाले और चौथी श्रेणी में उन श्रमिकों की जानकारी देनी होगी जो दूसरे राज्यों में हैं


























