राष्ट्रीय साहित्य व पुरातत्व का 18 वां भब्य अनुष्ठान तीन चरणों में हुआ संपन्न

( बालाघाट काकाखबरीलाल).इतिहास एवं पुरातत्व शोध संस्थान संग्रहालय, अखिल भारतीय क्षत्रिय महासंघ, महाराणा प्रताप मेमोरियल समिति, महाकवि कालिदास पण्डो मंच तथा वीर अकादमी के संयुक्त तत्वावधान में पुण्य सलिला वैनगंगा के तट पर बसा बालाघाट चर्चित नगर जहाँ राष्ट्रीय साहित्य एवं पुरातत्व का 18 तथा प्रथम अनोखा महाभव्य अनुष्ठान सहयोगात्मक रुप से आयोजित हुआ। उक्त अवसर पर 15 राज्यों से प्रतिष्ठित साहित्य विद, इतिहास विद, समाज शास्त्री, अधिकारियों का स्वयं के व्यय पर आना हुआ। प्रथम चरण प्रातः काल प्रारंभ हुआ, जिसके मुख्य अतिथि पुष्पेन्द्र् सिंह, राष्ट्रीय अध्यक्ष, अखिल भारतीय क्षत्रिय महासंघ, नई दिल्ली, सीताराम चौहान “पथिक” नई दिल्ली की अध्यक्षता, ड़ाँ. ओमप्रकाश हयारण झाँसी, डाँ.जगदीश चंद्र वर्मा गाजियाबाद, ड़ाँ. रामविजय शर्मा तहसीलदार चांपा, ड़ाँ. पवन कुमार जैन धार, ड़ाँ.सुधीर सिंह सुधाकर, गाजियाबाद,
ड़ाँ. वीरेन्द्र सिंह गहरवार वीर, विशिष्ट अतिथि थे, माँ सरस्वती पूजन पश्चात, पुरातत्व एवं साहित्य संगोष्ठी के विषय हिन्दू-हिन्द की प्रासंगिकता, आदिवासी महाकवि कालिदास पण्डो चिंतन, महापुरुषों का योगदान तथा वर्तमान सार्थक भूमिका पर विद्वानों द्वारा विस्तृत जानकारी दी।
द्वितीय चरण दोपहर में प्रारंभ हुआ अखिल भारतीय कवि सम्मेलन एवं मुशायरा से जिसके मुख्य अतिथि ड़ाँ.सुधीर खरे, अध्यक्षता ड़ाँ. एल. सी .जैन, विशिष्ट अतिथि सुभाष गुप्ता, लालजी साहू कोरबा, श्रीमती विजया ठाकुर रायपुर,विजय वासनिक, दुर्गा वासनिक नागपुर ने राष्ट्रीय एवं स्थानीय कवियों द्वारा स्वर रचनाएँ प्रस्तुत कर रसावादन किया। तृतीय चरण सांय काल प्रारंभ हुआ के मुख्य अतिथि से प्रारंभ हुआ। गंगोत्री वार्षिक पत्रिका का विमोचन हुआ, जिसकी प्रधान सम्पादक श्रीमती कविता गहरवार थी।
फिर प्रारंभ हुआ विराट अभिनन्दन समारोह से स्व.अमीचंद अग्रवाल, स्व.सुधीर शर्मा, स्व. सावलसिंह गहरवार,स्व. श्रीमती हीरादेवी गहरवार, स्व.धनश्याम सिंह परिहार,स्व. अभय सिंह ठाकुर,स्व. सुरेन्द्र सिंह राठौर, स्व.छत्रपाल सिंह गहरवार, स्व.सुरेश सिंह सिसोदिया,स्व. राजेंद्र सिंह बैस, स्व.छत्रपाल सिंह राठौर, स्व.बेनीमाधव सिंह बिसेन, स्व.गुलाब सिंह परिहार, स्व.श्रीमती सुधा राजपूत,स्व. सूरज सिंह सिसोदिया, स्व. मोहन सिंह परिहार, स्व.उत्तम सिंह ठाकुर,स्व.जयशंकर सिंह गहरवार, स्व.दशरथ सिंह परिहार, स्व.किशन सिंह ठाकुर, स्व.तिलकराज तोमर की स्मृति में 70 वर्षों से अधिक महानुभाव को राष्टीय महामहोपाध्याय विद्श्री, राष्ट्रीय साहित्य प्रसार विद्श्री, राष्ट्रीय उत्कृष्ट रचना धर्मी विद्श्री साहित्य कमल विद्श्री, राष्ट्रीय साहित्य मार्तण्ड विद्श्री,
राष्ट्रीय साहित्य मित्र विद्श्री, राष्ट्रीय उत्कृष्ट अभिव्यक्ति विद्श्री, राष्ट्रीय उत्कृष्ट सृजन विद्श्री, राष्ट्रीय सेवा सम्मान विद्श्री, राष्ट्रीय हिन्दी साहित्य मित्र विद्श्री, राष्ट्रीय समाज सेवा विद्श्री, राष्ट्रीय साहित्य कर्म वीर विद्श्री से 15 राज्यों से पधारे 225 साहित्य विदो, पुरातत्व विदो, इतिहास विदो, समाज शास्त्री, पत्रकार समूहों को सम्मानित किया गया। जो रात्रि 8 तक चला। दिवंगत साहित्य विदो के जीवन चरित्र पर प्रकाश डाल कर श्रद्धा सुमन अर्पित किया गया।
कार्यक्रम को सफल बनाने ,गणेश प्रसाद यादव, निशांत सिंह बैस, शीला सिंह राठौर, सुभाष गुप्ता, प्रेमलता गुप्ता, हरिलाल नगपुरे,नागेन्द्र सिंह परिहार, कुलदीप बिल्थरे, समीर सिंह गहरवार, बाबू लाल गोमासे, सचिन सिंह गहरवार, ध्रुव सिंह बैस, संदीप शर्मा, सुनील डोंगरे, अमरेश सिंह परिहार,रामेश्वरम सिंह परमार, वैभव सिंह राठौर कृष्ण सिंह, संगीता सिंह, अनीता चौहान, ज्योति ठाकुर, अनुपमा गौतम, मीना चौहान, श्रृद्धा सोलंकी, नीता बैस, निधि परिहार संजुषा यादव, मिश्री लाल साहू, स्मृति देशमुख, शांता गौतम, श्वेता गहरवार, संजुषा यादव, संतोष सक्सेना, मनीष इनवाती आदि सहयोग सराहनानीय रहा।
-आचार्य डाॅ.वीरेन्द्र सिंह गहरवार ‘वीर’



























