रायपुर

ईलाज की राह हुई आसान…राशन कार्ड बना पहचान

(रायपुर काकाखबरीलाल).

राज्य के सभी राशन कार्डधारी परिवारों को डॉ. खूबचन्द बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना का लाभ लेने के लिए अब राशन कार्ड के साथ कोई भी शासकीय पहचान पत्र अनिवार्य हो गया है। आज से अनुबंधित अस्पतालों में उपचार के लिए राशन कार्ड के साथ कोई भी शासकीय पहचान पत्र लेकर जाना अनिवार्य हो चुका है। अब योजनाओं का लाभ लेने के लिए स्मार्ट कार्ड की अनिवार्यत समाप्त हो चुकी है। राज्य सरकार की महत्वकांक्षी डॉ. खूबचन्द बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना को लेकर 17 जनवरी 2020 से बड़ा परिवर्तन हो गया है। अब पहचान पत्र के लिए योजना में शामिल राज्य के सभी परिवारों को स्मार्ट कार्ड पर निर्भर नहीं रहना होगा। साफ्टवेयर के डेटाबेस से स्मार्ट कार्ड के आंकडे हटा दिये गये हैं।
इस तरह अब मरीज व उनके परिजनों को पहचान पत्र के रूप में प्राथमिकता, अंत्योदय, राशन कार्ड के साथ आधार कार्ड अथवा कोई भी शासकीय पहचान पत्र साथ लेकर अनुबंधित अस्पतालों में जाना होगा। साफ्टवेयर इन मरीजों की पहचान अब नये फार्मूले से करेगा। यह नया फार्मूला साफ्टवेयर में अपलोड किया जा चुका है। जो कि 17 जनवरी 2020 से काम करना शुरू कर दिया है।
अस्पताल में ही बनेगा ई-कार्ड:-इस योजना के लिए अनिवार्य करते हुए मरीजों की राह आसान कर दी है। अब राशनकार्डधारी परिवारों को किसी सदस्य के बीमार पडने पर राशन कार्ड के साथ आधार कार्ड या अन्य शासकीय पहचान पत्र लेकर अनुबंधित अस्पताल जाना होगा। अनुबंधित अस्पतालों में ही तत्काल बीआईएस कर ई-कार्ड बना दिये जायेंगे। परिवार पचास हजार या पॉच लाख रूपये जिसके भी योग्य होगा। वह लाभ उसे उपचार के दौरान दिया जावेगा। एस.एन.ए. का पूरा समन्वय:-इस नयी व्यवस्था के लागू होने के पूर्व ही राज्य नोडल एजेंसी ने पूरा समन्वय बना रखा है। साफ्टवेयर में हुए बड़े बदलाव के लिए सभी साफ्टवेयर इन्जीनियरों के मोबाईल नंबर अस्तपालों को पूर्व से ही मुहैय्या कराके रखे गये है। अस्पतालों व मरीजों को किसी भी तरह की दिक्कत होने पर तत्काल मदद उपलब्ध कराई जा रहीं है। सामाजिक आर्थिक सर्वेक्षण 2011 के हितग्राहियों को मिलता रहेगा लाभराशनकार्ड के साथ कोई एक शासकीय पहचान पत्र लाना अनिवार्य किया गया है साथ ही राशनकार्ड के अलावा समाजिक आर्थिक सर्वेक्षण 2011 के हितग्राहियों को योजना का लाभ पूर्ववत् मिलता रहेगा।पूर्व में बने ई-कार्ड काम करते रहेंगे:-योजना लागू होने से पूर्व ही आस्पतालों व कियोस्क केन्द्रों में ई-कार्ड बनाने का काम चल रहा था, जो कि अब भी यथावत् जारी है। पूर्व में बने हुए ई-कार्ड में किसी तरह की दिक्कत आने पर अस्पतालों व कियोस्क केन्द्रों में ई-कार्ड में बदलाव करते हुए नये कार्ड जारी कर दिये जाएगें।

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छत्तरसिंग पटेल

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