साहित्यकार अंजनीकुमार अंकुर जी के प्रति श्रद्धांजलि

काकाखबरीलाल/रायगढ़:- रायगढ़ शहर के जानेमाने कवि ,विचारक,सभी के प्रिय अंजनी कुमार ‘अंकुर’ जी का कल रात आकस्मिक निधन हो गया।उनके घर परिवार, सभी चाहने वालो,सभी साहित्यिक बिरादरी के लिए यह एक हृदय विदारक घटना हैं।वे अभी मात्र 62 वर्ष के थे। संसार में ऐसे कम व्यक्ति अवतरित होते है जो पूरी तरह तन-मन से समर्पित हों ।परन्तु अंकुर जी व्यवहार कुशल, मिलनसार, साहित्य के प्रति समर्पित व्यक्ति थे। वे हमेशा जिसमें में भी यदि कुछ विशेष प्रतिभा देखते तो उसकी प्रशंसा करने से चूकते नहीं थे। उसे प्रोत्साहित कर आगे बढ़ने का आव्हान जरूर करते। उनकी हर एक रचना मानवीय संवेदना परक भाव विभोर कर देने वाली होती। उनके द्वारा लिखित काव्य संग्रह “आनन्द की तलाश” में जीवन की विविध रूपों को समेटे हुए एक-एक पंक्ति सभी के अंतरंग को स्पर्श कर जाती है।उनके द्वारा श्रोताओं को पढ़ने का ढंग,प्रस्तुति लोगो को आत्ममुग्ध कर जाता। उनकी कई कविता उन्हें कंठस्थ थी।अंकुर जी लम्बे समय से अस्वस्थ चल रहे थे। अचानक घर में तबियत बिगड़ने पर उन्हें निजी अस्पताल ले जाया गया।जहाँ उपचार के कुछ पलों बाद हृदयाघात से देहावसान हो गया। वे सहायक वेटरनरी ऑफिसर के पद पर जिला पशु चिकित्सालय में कार्य दे चुके थे। जिनका इसी वर्ष जून माह में 62 वर्ष की अवधि पश्चात सेवानिवृत्ति हुई थी। वे राष्ट्रीय कवि संगम जिला इकाई रायगढ़ के जिलाध्यक्ष भी थे। उनका सम्पूर्ण जीवन साहित्य को समर्पित रहा।जिस तरह से उन्होंने आज जिन नव अंकुरित काव्यप्रेमियों को आगे बढ़ाने में अथक परिश्रम किया। उसे कोई नही भूल सकता।उनका सभी से मित्रवत व्यवहार रहा किसी के भी प्रति तनिक द्वेष के भाव न थे। उनके जीवन वृत के अनेक यादगार लम्हें है। जिसे भुलाने में कई सदिया लगेंगी।
आज उनके पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार पंजरी प्लांट मुक्तिधाम में पूरे विधिविधान से किया गया। उक्त समय सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।रायगढ़ जिले के कई विद्वान मनीषी व साहित्यकार उपस्थित हो अपने चहेते साहित्यकार का अंतिम दर्शन कर श्रद्धांजलि अर्पित किया। श्री अंकुर जी को साहित्य मनीषियों में श्री शिवकुमार पांडेय, कलागुरु वेदमणि सिंह ठाकुर,शंभूलाल शर्मा’वसंत’,मनहरण सिंह ठाकुर, डॉ प्रभात त्रिपाठी, प्रो.कांति कुमार तिवारी, प्रदीप उपाध्याय,कमल बहीदार, मनमोहन सिंह ठाकुर,नन्दलाल त्रिपाठी, त्रिभुवन चितवा,सनत, हेमन्त चावड़ा, डॉ मणिकांत भट्ट, श्यामनारायण श्रीवास्तव, रमेश शर्मा,गणेश कछवाहा,भानुप्रताप मिश्रा, बसन्त साव,सुशील मेहर, आशा मेहर,अरुणा साहु,आनन्द सिंघनपुरी, प्रदीप कुमार,राकेश नारायण बंजारे,रामरतन मिश्रा,अमित शर्मा,प्रकाशदास मानिकपुरी,चन्द्रभान पटेल,जयंत पटेल,हर्षपाल सिंह,तेजराम नायक,लक्ष्मी नारायण लहरे,सुनील एक्सरे,अमित दुबे,दुर्गाशंकर ईजारदार,दिनेश दिव्य,गुलाब सिंह कंवर,हरप्रसाद ढेंढे,कन्हैया गुप्ता,राघवेंद्र,पुरषोत्तम ठेठवार, प्रमोद सोनवानी, सोनु बरेठ,धनेश्वरी देवांगन,रुक्मिणी सिंह राजपूत,प्रियंका गुप्ता,सरोज साहु, सुशीला साहु, उषा पांडेय,भुनेश्वर,जय देवांगन, जगतराम ठाकुर,भरतलाल नायक,निर्भय गुप्ता,रामकुमार पटेल ,ओम प्रकाश शर्मा इत्यादि घाट पर उपस्थित होकर या फिर अपने संदेशों के माध्यम से गहरी संवेदना प्रकट कर अश्रुपूरित श्रद्धांजलि अर्पित किया।






























