सरायपाली : असुविधा : ग्रामीण क्षेत्रों में हो रही है अधिक परेशानी सही नेटवर्क और इंटरनेट नहीं चलने से बढ़ी परेशानी

सरकार एक ओर तो डिजिटल इंडिया का नारा लगा रही है और गांवों में इंटरनेट की पहुंच का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर अभी भी अनेक गांवों में इंटरनेट व टावर की समस्या होने से उपभोक्ताओं को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। नेटवर्क नहीं होने से काम काज तो प्रभावित होता ही है, लोगों को दूसरों से संपर्क करने में भी परेशानी उठानी पड़ती है। विकासखण्ड में जियो के सबसे अधिक उपभोक्ता हैं, लेकिन सही नेटवर्क व इंटरनेट नहीं होने के कारण उपभोक्ता परेशान हैं।

नेटवर्क कम हो जाता है, बात भी सही ढंग से नहीं हो पाती। काकाखबरीलाल टीम से चर्चा के दौरान केदुमुडी निवासी परमानंद भोई, छूट भोई व चकरदा निवासी अनिल पटेल, गिरधर पटेल ने बताया कि जियो सीम में शुरूआत में अच्छा नेटवर्क आता था, लेकिन अब घर के अंदर जाते ही नेटवर्क बंद हो जाता है। और इंटरनेट भी ठीक से नहीं चलता। रिचार्ज तो 4 जी का कराते हैं, लेकिन नेटवर्क 2 जी, 3 जी के रफ्तार में चलता है। इस समस्या को लेकर कंपनी के आफिस में अनेक बार अवगत कराया गया, लेकिन कंपनी के कर्मचारी इस ओर ध्यान ही नहीं दे रहे हैं। विगत दिनों जियो के उपभोक्ता जय स्तंभ चैक क्षेत्र में नेटवर्क की समस्या से परेशान थे, लगभग 72 घण्टे तक जाते ही नेटवर्क बंद हो जाता है। वहीं नगर के पतेरापाली वार्ड में भी नेटवर्क की समस्या थी, जिसके किसी को काल लगाने पर इसी तरह की समस्या है। यहां भी कारण दुकानदार सहित उपभोक्ता
ग्रामीणों ने प्रशासन से की टावर लगाने की मांग
ग्रामीणों ने बताया कि फोन पर बात करते समय कई बार फोन कट जाता है। साथ ही कई बार किसी दूसरे से भी कनेक्ट हो जाता है। सबसे ज्यादा परेशानी तो विकासखण्ड के दूरस्थ अंचल, जो नगर से काफी दूर ग्रामीण क्षेत्र में हैं, उन्हें टावर सहित नेटवर्क की भी समस्या हो रही है, जहां 10 व 20 प्रतिशत ही सिग्नल रहता है उसी से ही ग्रामीण काम चला रहे है। वहां भी घर के अंदर जाते ही पूरा नेटवर्क ही गायब हो जाता उक्त समस्या को देखते हुए ग्रामीणों ने प्रशासन से नये टावर लगवाने की मांग की है।
ताजा मामला सरायपाली ब्लाक अंतर्गत चकरदा, कोकडी, नायक पारा, गंधेलडीपा, बानीगिरोला, केदुमुडी में ज्यादा समस्याएं है, जहां नेटवर्क की समस्या बनी हुई है। घर के अंदर मोबाइल स्वीच ऑफ बताता है। घर के अंदर जाते ही मोबाइल का खासे परेशान थे।





























