डीओ कटने के 12 दिन बाद भी उड़ेला खरीदी केन्द्र में नही हुआ उठाव शुरू

●चावला रोड केरियर सरायपाली के लिए कटा है डीओ
सरायपाली.नवंबर माह से धान खरीदी शुरू होने के बाद उठाव नही होने से बहुत अधिक परेशानी हो रही है. जबकि 48 घंटे के भीतर डीओ कट जाने के बाद उठाव होना चाहिए. परिवहनकर्ताओं की लेट लतीफी के कारण धान नुकसान का खामियाजा शासन को उठाना पड़ता है. इसलिए उपार्जन के न्द्र के प्रभारी जल्द धान उठाव करने की मांग करते रहते हैं. ग्रामीण सेवा सहकारी समिति उड़ेला में 31 दिसम्बर को काटे गए 5760 क्ंिवटल धान का एक बोरा भी उठाव अभी तक शुरू नही हुआ है. ऐसे में लगातार खरीद केन्द्र में जाम की स्थिति निर्मित हो रही है.
उड़ेला में अभी तक कुल 18570 क्ंिवटल धान हेतु राईस मिलो के लिए डीओ काटा जा चुका है. लेकिन उठाव केवल 5580 क्विंटल ही हुआ है. अभी भी 12990 क्ंिवटल धान उठाव के लिए शेष बचा है. यहां पर 31 दिसम्बर को चावला रोड केरियर के नाम से 5760 क्विंटल धान के डीओ कटा था. इसी परिवहनकर्ता का 4 जनवरी को 5600 क्ंिवटल धान का डीओ कटा है जिसमें केवल 1480 क्विटल ही परिवहन हुआ है. जबकि अभी तक 4120 क्ंिवटल धान शेष है. इसी खरीदी केन्द्र में बसना एवं बागबाहरा के लिए डीओ काटा गया है जिनका उठाव अंतिम चरण में है. जबकि सरायपाली एवं बसना के ही एक ट्रांसपोर्टर द्वारा उठाव में लापरवाही बरती जा रही है. एक ट्रांसपोर्टर ने तो अभी तक डीओ कटने 12 दिन बाद एक बार भी धान का उठाव नही किया है. ट्रांसपोर्टरों की मनमानी से खरीदी केन्द्र के प्रभारी भी चिंतित नजर आ रहे हैं. इसी तरह की स्थिति बनी रही तो आगामी कुछ ही दिनों में खरीदी बंद करने की नौबत आ सकती है. पुन: फेथाई तूफान की वापसी के संकेत मिल रहे हैं जिससे परिवहन नही होने पर धान जाम होने की स्थिति में बारिश हो जाने पर शासन को बहुत अधिक नुकसान हो सकता है. परिवहनकर्ताओं पर किसी तरह की कार्यवाही नही किए जाने के कारण भी कुछ जगहों में इस तरह की समस्या देखी जा रही है.




























