पिथौरा: शहीद दिवस पर श्रृंखला साहित्य मंच द्वारा विचार गोष्ठी रखी गई

बुधवार को शहीद दिवस पर श्रृंखला साहित्य मंच द्वारा विचार गोष्ठी रखी गई। गोष्ठी का विषय युवाओं के बीच भगत सिंह रखा गया था। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रृंखला के पूर्व अध्यक्ष अनूप दीक्षित नेे की ।
कार्यक्रम श्रृंखला साहित्य मंच के वरिष्ठ सदस्य एवं सुपरिचित साहित्यकार स्वराज्य करुण के आलेख के पाठ के साथ गोष्ठी प्रारम्भ हुई। आलेख पाठ कार्यक्रम के संचालक साहित्यकार प्रवीण प्रवाह ने किया। कवि बंटी छत्तीसगढिय़ा ने अपने विचार रखते हुए कहा कि भ्रष्ट राजनेताओं को आदर्श मानने वाले आज के युवा भगत सिंह का नाम तो जानते हैं लेकिन भगत सिंह को नहीं जानते।
श्रृंखला की कौर ने कहा भगत सिंह की क्रांति बदहाल देश के बदहाल जनता के प्रति संवेदनाओं से युक्त थी। संवेदनहीन दिलों में सच्ची क्रांति की भावना उत्पन्न नहीं हो सकती।
श्रृंखला के वरिष्ठ कवि शिवानंद महंती ने कहा कि शहीद भगत सिंह अल्पायु में इतने लोकप्रिय इसलिए हुए कि वे अध्ययनशील थे। वर्तमान युवाओं में अध्ययन शीलता की कमी है।
श्रृंखला के एफ ए. नंद ने कहा बेकारी के इस दौर में युवा वर्ग भटका हुआ है भगत सिंह के विचारों की ऊँचाई उसकी समझ से परे है। शिक्षा के जरिये युवा वर्ग में भगत सिंह के विचारों का बीजारोपण करना होगा।
ग्रामीण जनजीवन से ताल्लुक रखने वाले कवि माधव तिवारी ने कहा कि शिक्षा के प्रचार प्रसार के बावजूद आज का युवा अपने आदर्श की तलाश में असफल है, इन युवाओं में भगत सिंह की तलाश कठिन है।
संतोष गुप्ता ने कहा कि शहीदों ने जिस शांतिपूर्ण आदर्श राष्ट्र की परिकल्पना की थी उस राष्ट्र के निर्माण में हमारे युवा वर्ग की सोच में सकारात्मक परिवर्तन की आवश्यकता है। श्रृंखला के वक्ता उमेश दीक्षित ने कहा कि पुरानी वैमनस्यताओं को लेकर अपने वर्तमान को विकृत करना राष्ट्र का अहित करना ही है। स्वतन्त्रता के लिए अपना खून बहा कर शहीदों ने हमें जो स्वतंत्र भारत प्रदान किया है उसकी समृद्धि और खुशहाली की दिशा में युवाओं को आगे आना चाहिए।
श्रृंखला अध्यक्ष प्रवीण प्रवाह ने कहा शहीद भगतसिंह ने आजादी की लडाई इंकलाब के नारे के साथ लड़ी थी, क्योंकि वे शोषण मुक्त और समता मूलक समाजवादी राष्ट्र, चाहते थे। आज के युवाओं को भगतसिंह के इन आदर्शों से परिचित कराने की आवश्यकता है।
इस गोष्ठी में सुदूर केरल प्रान्त से श्रृंखला के संरक्षक पी. के. सच्चिदानन्दन ने मोबाइल से अपने आन लाइन उद्बोधन में कहा कि नशे में डूबा युवा वर्ग भगत सिंह के रास्ते से भटक गया है, अच्छी शिक्षा के जरिए ही युवा वर्ग भगतसिंह से परिचित होगा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे अनूप दीक्षित ने कहा कि देश की समस्याएँ जब विकराल होती हैं युवाओं की सकारात्मक ऊर्जा ही काम आती है। देश के नवनिर्माण के लिए हमारे युवाओं को भगत सिंह और उनके शहीद साथियों के आदर्शों को अपनाना ही होगा।
कार्यक्रम के अंत में शहीद भगत सिंह शहीद राजगुरु एवं शहीद सुखदेव के साथ श्रृंखला साहित्य मंच के वरिष्ठ सदस्य एस के नीरज के दिवंगत पिताश्री को 2 मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

























