पिथौरा नगर: गौधाम योजना के तहत बरतुंगा और परसपाली में निरीक्षण, स्वावलंबी गौशाला बनाने पर जोर

नंदकिशोर अग्रवाल@काकाख़बरीलाल@पिथौरा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी ‘गौधाम योजना’ को धरातल पर उतारने के लिए पिथौरा क्षेत्र में सक्रियता बढ़ा दी गई है। गौसेवा आयोग अध्यक्ष पिथौरा सौरभ अग्रवाल के नेतृत्व मे समिति के साथियो के साथ योजना के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों के सत्यापन और गौठान निरीक्षण के क्रम में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की टीम ने ग्राम बरतुंगा एवं परसपाली का दौरा किया।
निरीक्षण और महत्वपूर्ण बैठक
निरीक्षण के दौरान गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष सौरभ अग्रवाल व जनप्रतिनिधियों ने महिला स्व-सहायता समूहों के साथ विशेष बैठक की। इस बैठक में ‘गौधाम’ की उपयुक्तता और अधोसंरचना को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
स्वावलंबन की ओर कदम: गोबर से बनेगी अगरबत्ती
बैठक के दौरान सौरभ अग्रवाल और गीतेश पंडा ने ग्रामीण महिलाओं और गौशाला समिति को ‘स्वावलंबी गौशाला’ बनाने हेतु प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि गौशालाएं केवल पशुओं के चारे तक सीमित न रहें, बल्कि वे आर्थिक आय का केंद्र बनें।
योजना के मुख्य बिंदु:
धूपबत्ती और अगरबत्ती निर्माण: गोबर से उच्च गुणवत्ता वाली धूपबत्ती और अन्य उत्पाद बनाने के लिए महिलाओं को प्रोत्साहित किया गया।
विविध उत्पाद: वर्मी कंपोस्ट के साथ-साथ अन्य कुटीर उद्योगों को गौशाला परिसर से जोड़ने पर चर्चा हुई।
विष्णु शासन की मंशा: शासन का उद्देश्य गौवंश का संरक्षण करने के साथ-साथ ग्रामीणों को रोजगार के नए अवसर प्रदान करना है।
”गौधाम योजना केवल एक सरकारी परियोजना नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने का एक माध्यम है। हम चाहते हैं कि हर गांव की गौशाला खुद के संसाधनों से आत्मनिर्भर बने।” — सौरभ अग्रवाल



























