विषय शिक्षक की कमी से जूझ रहे है,अजगरखार मिडिल स्कूल के बच्चे

परीक्षा सर पर,कोर्स अधूरे, कैसे आएगी शिक्षा में गुणवत्ता?
संतोष पटेल की रिपोर्ट
भंवरपुर। एक तरफ शहर के आसपास के स्कूलों में अतिशेष शिक्षक पदस्थ है तो दूसरी तरफ दुरस्थ अंचल के स्कूलों में पर्याप्त शिक्षकों की व्यवस्था नहीं हो पाई है ।कई स्कूलों में तो गणित अंग्रेजी जैसे महत्वपूर्ण विषयों के ही शिक्षक नहीं है ।परीक्षा सर पर है और अभी कोर्स अधूरा पड़ा है। ऐसे में छात्रों को परीक्षा में पास होने की चिंता सता रही है । नई सरकार के सामने स्वीकृत सेटअप के अनुरूप शिक्षकों की व्यवस्था करना एक बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। बसना विकासखंड के उत्तरी छोर में बसे ग्राम अजगरखार के मिडिल स्कूल में शिक्षकों की कमी के चलते पढ़ाई-लिखाई प्रभावित हो रही है ।करीब 63 छात्रों को पढ़ाने के लिए मात्र 2 शिक्षक पदस्थ हैं। गणित, अंग्रेजी विषय के शिक्षकों का पद वर्षों से रिक्त है। उन्हें भरने के लिए न तो शिक्षा विभाग ध्यान दे रहा है न ही शासन-प्रशासन। छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए डोरीलाल,राजेंद्र प्रसाद पटेल, सरपंच गौरीबाई सहित दर्जनों पालकों ने विकास खंड शिक्षाधिकारी को आवेदन लिखकर शिक्षक की व्यवस्था करने की मांग की है मगर आवेदन पत्र देने के महीने भर बाद भी शिक्षक की व्यवस्था नहीं की गई है जिससे पलकों में रोष व्याप्त है ।
बसना विकासखंड का अबूझमाड़ क्षेत्र के रूप में पहचाना जाने वाला अजगरखार क्षेत्र आज भी शिक्षा क्षेत्र में काफी पिछड़ा हुआ है ।गांव-गांव में स्कूल तो खोल दिए गए मगर शिक्षकों की व्यवस्था नहीं हो पाने से पढ़ाई लिखाई चौपट हो रही है ।अजगरखार में मिडिल स्कूल का संचालन 19 88- 89 से किया जा रहा है ।वर्तमान में यहां की दर्ज संख्या 63 है ।शाला में विज्ञान विषय से त्रिलोकेश सेठ ,कला विषय से एस के बाघ पदस्थ हैं ।हिंदी, संस्कृत, अंग्रेजी ,गणित विषय के शिक्षक की पदस्थापना नहीं होने से पढ़ाई ठप है ।दो शिक्षक एक साथ तीन तीन कक्षाओं का संचालन कर पाना मुश्किल हो रहा है। परीक्षा सिर पर है ,कोर्स अधूरा पड़ा है ऐसे में छात्र परीक्षा की वैतरणी को कैसे पार लगा सकते हैं सहज रूप से अनुमान लगाया जा सकता है ।
दुरस्त अंचल होने के कारण पदभार ग्रहण करना नहीं चाहते शिक्षक
पालकों का कहना है कि शासन की ओर से पदस्थापना तो दी जाती है मगर दूरस्थ अंचल होने के कारण शिक्षक पदभार ग्रहण करने से पहले ही संशोधन आदेश निकलवा कर शहर के आसपास अपनी पदस्थापना करा लेते हैं। आज भी देखा जाए तो शहर के आसपास के स्कूलों में शिक्षकों की भरमार है कई शाला में अतिशेष शिक्षक पदस्थ हैं। शाला विकास समिति के अध्यक्ष डोरीलाल, उपाध्यक्ष राजेंद्र पटेल, सरपंच गौरीबाई, ग्रामीण गौतम पटेल, रोहित पटेल, राजेश पटेल, शांति बाई ,सावित्री, दिलमोती, बेलमोती, मुरलीधर, सोनसाय, गणेशलाल सहित दर्जनों ग्रामीणों ने विकास खंड शिक्षाधिकारी बसना को पूर्व में भी पत्र लिखकर अतिशीघ्र शिक्षकों की व्यवस्था करने की मांग की है। अन्यथा आंदोलन की चेतावनी दी है। आवेदन के महीने भर बाद भी शिक्षक की व्यवस्था नहीं होने से लोगों में आक्रोश पनपने लगा है।

























