
संविलियन को लेकर शिक्षाकर्मीयों ने विधायक को सौंपा ज्ञापन
महासमुंद (काकाखबरीलाल)। संविलियन को लेकर एक बार फिर से पूरे प्रदेश में अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ एकजुट हो रहे है।
इसी बीच संविलियन की मांगों को लेकर आज सरायपाली और बसना विकासखण्ड के शिक्षाकर्मियों ने बसना विधायक देवेन्द्र बहादूर सिंह से की।
शिक्षाकर्मियों सोशल मीडिया पर चला रहे संविलियन करो हैशटैग
बता दें कि प्रदेश में लगभग 25 हजार शिक्षाकर्मियों का संविलियन नहीं हो पाया है. कांग्रेस ने सरकार बनाने से इनसे वादा किया था कि 2 साल की सेवा अवधि पूरा कर चुके सभी शिक्षाकर्मियों का संविलियन किया जाएगा, लेकिन ये मांग पूरी नहीं हुई है. वहीं केवल 8 साल सेवा अवधि वालों का ही संविलियन हो पाया है. इतना ही नहीं सरकार द्वारा 14500 नए शिक्षकों की भर्ती की जा रही है, जिससे इन शिक्षाकर्मियों को इस बात की भी चिंता है कि उनका संविलियन नहीं होने से बाद में भर्ती होने वाले उनसे सीनियर हो जाएंगे. जबकि 6-7 सालों से काम कर रहे शिक्षाकर्मी जूनियर कहलाएंगे. यही वजह है कि शिक्षाकर्मी जल्द से जल्द संविलियन किए जाने की मांग को लेकर फेसबुक, ट्विटर पर अभियान चला रहे हैं और संविलियन करो सरकार को ट्रेंड करा रहे है।
प्रदेश में संविलियन से वंचित शिक्षाकर्मियों ने सोशल मीडिया को हथियार बनाने के साथ-साथ प्रदेश के विधायकों, मंत्रियों और मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अपने संविलियन के लिए निवेदन करने की रणनीति बनाई है जिसके बाद अलग-अलग जिले में प्रतिनिधिमंडल ने विधायकों को ज्ञापन सौंपने का सिलसिला शुरू कर दिया है इसी कड़ी में महासमुंद जिले के बसना विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत सभी जन अधिकार मंच के प्रदेश संजोयक विवेक दुबे के मार्गदर्शन में जिला संयोजक सुरेंद्र दीवान के नेतृत्व में संविलियन से वंचित शिक्षाकर्मियों ने बसना विधानसभा के विधायक देवेंद्र बहादुर सिंह से मुलाकात की और उन्हें अपनी परेशानियों से अवगत कराया चर्चा में शिक्षाकर्मियों ने विधायक को बताया कि उन्हें पंचायत विभाग में रहने के कारण समय पर वेतन तक नहीं मिलता है यहां तक कि प्रदर्शन करने के बाद दीपावली पूर्व कर्मियों को लेकर वेतन मिला है वरना दो-दो, तीन-तीन महीने उन्हें वेतन के लिए ही इंतजार करना पड़ता है इसके अतिरिक्त विगत 3 सालों से शिक्षा कर्मियों को महंगाई भत्ता दिया ही नहीं गया है जिसके चलते उन्हें जबर्दस्त आर्थिक नुकसान सहना पड़ रहा है स्थानांतरण नीति भी प्रदेश में शिक्षाकर्मियों के लिए जारी ही नहीं की गई ऐसे में इन समस्त परेशानियों का हल संविलियन ही है । शिक्षाकर्मियों ने विधायक महोदय से निवेदन किया कि की अब प्रदेश में मात्र 25000 शिक्षाकर्मी संविलियन से वंचित है ऐसे में सरकार अपने जनघोषणा पत्र के वादे के मुताबिक उनका संविलियन कर देती है और उसके बाद नई भर्ती करती है तो शिक्षाकर्मियों को भी न्याय मिल जाएगा और न्यायालयीन प्रक्रिया भी समाप्त हो जाएगी जो उन्हें मजबूरी में दायर करना पड़ा है ।
शिक्षाकर्मियों की बात सुनने के बाद विधायक देवेंद्र बहादुर सिंह ने उन्हें विश्वास दिलाया कि वह पंचायत मंत्री टी एस सिंहदेव से इस विषय में बात करेंगे और जन घोषणा पत्र के क्रियान्वयन के लिए अपनी तरफ से प्रयास करेंगे ।
संविलियन को लेकर ज्ञापन सौंपने प्रमुख रूप से शिक्षकों में सुरेंद्र दीवान, राजेश प्रधान, राधा सिदार, हेमंत विशाल, बुद्धेश्वर दास वैष्णव, खिरोद्र साहू, राधेश्याम बरिहा, देवसिंह सिदार, निरंजन महेर, द्वारका प्रसाद, ध्वजकुमार पटेल,कमलेश कुमार, प्रकाश तांडी आदि शिक्षक उपस्थित थे।
इस मुद्दे पर बात करते हुए संविलियन अधिकार मंच के प्रदेश संयोजक विवेक दुबे ने बताया कि
संविलियन अधिकार मंच के बैनर तले प्रदेश के 28 जिलों में हमारी टीम तैयार हो चुकी है जो अपने अपने विधानसभा क्षेत्र के विधायकों मंत्रियों को संविलियन की मांग को लेकर ज्ञापन सौपेगी और अपनी परेशानियों को अवगत कराएगी । संविलियन से वंचित शिक्षाकर्मियों की समस्त परेशानियों का समग्र हल संविलियन ही है और इसके लिए हम अपने तरीके से लगातार प्रयासरत हैं , हमें उम्मीद है कि सरकार हमारे विषय में जल्द ही उचित निर्णय लेगी ।





























