
पिथौरा रपट
- सात दिनों में जांच कार्यवाही नही होने पर करेंगे आंदोलन , मुख्यमंत्री से शिकायत होने के बावजूद जिला शिक्षा अधिकारी के द्वारा इस मामले की अनदेखी की जा रही है जो कि बहुत बड़ी लापरवाही है और संदिग्ध भी है
- *पिथौरा*–निजी शैक्षणिक संस्था सेंट फ्रांसिस स्कूल के द्वारा की जा रही मनमानी के खिलाफ आक्रोशित पालको ने आज शाम स्थानीय रेस्ट हाउस में एक बैठक रखी थी।जिसमे विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई तथा एसडीएम,बीईओ के नाम ज्ञापन तैयार किया गया।व अधिकारी द्वय से मुलाकात कर ज्ञापन सौपा गया।
- पालको ने अपने शिकायत पत्र में उल्लेख किया है कि प्रबन्धन द्वारा सीबीएससी के मापदंडों के अनुरूप शिक्षक नही रखे है,स्कूली बच्चों की में हमेशा ही मनमाना बृद्धि कर दी जाती है। एक्टिविटी फंड के नाम से गलत ढंग से राशि ली जाती है। स्कूल में अभी तक पालक समिति नही बनाई गई है।छोटे छोटे बच्चो के स्कूली बेग में भारी वजन होता है। जबकि सीबीएससी के मापदंडों के अनुसार स्कूली बेग के वजन के सम्बंध नियम बने हुए है। बता दे कि उक्त शैक्षणिक संस्था के विरुद्ध पालको ने करीब पखवाड़े भर पहले कलेक्टर महासमुंद से गई थी जिस पर उन्होंने एसडीएम से जांच कराने का आश्वासन दिया था किंतु अभी तक जांच नही होने से पालक आक्रोशित है। पालको का आक्रोश इस लिए भी बढ़ता जा रहा है क्यों कि प्रबन्धन को शिकायत की कोई परवाह नही है बल्कि जायज मांगों को अनदेखा किया जा रहा है। प्राथमिक कक्षाओं के किताबों में प्रकाशकों प्रकाशकों को प्रतिवर्ष जानबूझकर बदल दिया जाता है ताकि पुरानी किताबों का इस्तेमाल स्कूली बच्चे ना कर सकें। जिन किताबों को यहां पर चलाया जाता है उसी स्तर की किताबें खुले बाजार में कम दरों पर मिलती हैं जबकि यहां पर उन्हें किताबों को कई गुना महंगे दरों में बिक्री कराया जाता है संस्था के द्वारा किताबों के बिक्री हेतु स्कूल के सामने स्वयं के द्वारा दुकान खुलवाई गई है तथा वहीं से ही किताब लेने हेतु मजबूर किया जाता है।

पालको ने ज्ञापन में चेतावनी दी है कि अगर 7 दिवस के भीतर जांच कार्यवाही नही होती है तो आक्रोशित पालक आंदोलन करने बाध्य हो जावेंगे।बहरहाल पालको के ज्ञापन प्राप्त होने के बाद अधिकारी द्वय ने जांच कर कार्यवाही करने का भरोषा दिलाया है।
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