सरायपाली :शिशुपाल पर्वत में लगा मकर संक्रांति मेला, उमड़ी भारी भीड़

सरायपाली। मकर संक्रांति पर्व पर घोड़ाधार शिशुपाल पर्वत में मेला का आयोजन किया गया है, जहां आज भारी भीड़ देखी गई। हजारों की संख्या में सुबह से ही लोग पर्वत पर चढ़ते रहे। सन 1990 से यहां पर प्रतिवर्ष मकर संक्रांति के उपलक्ष्य में मेले का आयोजन किया जाता है। बिना प्रचार प्रसार के ही इस मेले में लोगों का हुजूम उमड़ पड़ता है। शिशुपाल पर्व पर शिव मंदिर एवं बजरंगबली का मंदिर स्थित है, वहां पर भी दर्शकों का तांता लगा रहा।
आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र बुढ़ाडोंगर में मंदिर समिति पुजारीपाली द्वारा इस मेले की शुरूवात 1990 से बसंत पंचमी के दिन से की गई थी, जो 33 साल से अनवरत जारी है और मकर संक्रांति के दिन यहां मेला का आयोजन किया जाता है। वहीं शिशुपाल पर्वत में श्रावण मास, शिवरात्रि तथा नवरात्रि में भी हजारों की तादाद में भक्तों की भीड़ उमड़ती है। आज मेले में सभी के लिए भण्डारा एवं बैठकी कीर्तन का भी आयोजन किया गया था। इस दौरान कार्यक्रम सफल बनाने में सहयोगकर्ता लीलाधर, विष्णु अग्रवाल, शौकी मिस्त्री, नवाडीह सहित बिंझवार समाज पुजारीपाली, अमलीपदर व आसपास के ग्रामीणों का विशेष योगदान रहा।
संस्थापक एवं पुजारी शंकरलाल उनकी पत्नी संतोषिनी बरिहा एवं स्व. अनादी पत्नी प्रभा पुजारीपाली ने हरिभूमि से चर्चा के दौरान बताया कि भोलेनाथ व देवी दुर्गा ने उनके स्वप्न में आकर बताए कि तुम यह कार्यक्रम करो। तब से वे इस कार्यक्रम को करते आ रहे है। वहीं उन्होंने बताया कि इसके लिए उनकी सहायता के लिए भी कोई सामने नहीं आया, जितना हो सकता था उनके द्वारा किया गया। जितना भी मिल रहा है, सब भगवान का आशीर्वाद है। उन्होंने आगे बताया कि शिशुपाल पर्व पर शिव मंदिर एवं बजरंगबली मंदिर है तथा तलहटी पर विंध्यवासिनी मंदिर व चंद्रहासिनी मंदिर भी है तथा हरिहर मंदिर निर्माणाधीन है और एक दुर्गा मंदिर भी बनने के लिए तैयार है।
सुविधा के अभाव में लोगों को हो रही परेषानी
मंदिर के पुजारी ने बताया कि शिशुपाल पर्यटन हरिहर मेला पुजारीपाली में विभिन्न सुविधाओं का अभाव है। उन्होंने की प्रकार के सुविधाओं की आवश्यकता जताई, जिनमें कचरा के लिए डब्बा, पानी पीने के लिए सुविधा, शौचालय की सुविधा, विश्राम गृह की सुविधा, कीचन शेड के अलावा शिशुपाल में रेलिंग लगाने, नाला के किनारे सीढ़ी बनवाने तथा शिव मंदिर के पास नहाने के लिए तालाब निर्माण की सुविधा करने की मांग की है। ताकि जो भी यहां आए उन्हें कोई परेशानी न हो।





























