
रिपोर्ट – नन्दकिशोर अग्रवाल पिथौरा
पिथौरा- सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पिथौरा में केंद्रीय योजना मद से करोड़ों रुपए की लागत से बन रहे 50 बिस्तरों वाले मातृ शिशु अस्पताल पांच साल बाद भी प्रारंभ नहीं हो सका है।
लोगों को आज भी पुराने अस्पताल से ही काम चलाना पड़ रहा है। केंद्रीय मंत्रालय द्वारा मातृ शिशु अस्पताल के नाम पर स्वीकृति देकर इस अस्पताल का निर्माण कार्य प्रारंभ कराया गया था। भवन का निर्माण कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है। लेकिन अब इस अस्पताल में अन्य सामग्री स्थापित होनी है। लेकिन शासन की अनदेखी के चलते उक्त सामग्रियां नहीं पहुंच पाई है। जिसके कारण नए भवन में अस्पताल का संचालन आज तक प्रारंभ नहीं हो सका है और लोगों को आज भी पुराने भवन में ही स्वास्थ्य सुविधाएं दी जा रही है।
साजो सामान की कमी
करोड़ों रुपए की लागत से बने इस अस्पताल के लिए अब साजो-सामान की कमी है। लंबे समय बीत जाने के बाद भी इसकी शुरुआत नहीं हो सकी है।
रायपुर जैसी सुविधा मिलेगी
सूत्रों के मुताबिक इस अस्पताल के प्रारंभ हो जाने से रायपुर जैसी सुविधा मिलेगी। क्षेत्र के लोगों को इसका लाभ मिलेगा। लेकिन यह उम्मीद अभी नजर नहीं आ रहा है। क्योंकि आने वाले मरीजों को रायपुर रिफर होना पड़ रहा है। सुविधाओं एवं डॉक्टरों की कमी के कारण इन मरीजों को सीधे रायपुर भेज दिया जाता है।























