
पिथौरा रिपोर्ट– नन्दकिशोर अग्रावल
पिथोरा। धान बेचने के लिए अब किसान रात 1 बजे से कतार में खड़े होने लगे हैं। शासन के नए नियम से किसानों की परेशानी बढ़ गई है और किसान अपने उपज को बेचने के लिए जद्दोजहद में लगे हुए हैं। शासन के 1 नियम के मुताबिक मात्र शनिवार को ही अपने धान को बेचने के लिए टोकन कटवाना होगा।
धान बेचने के लिए अब किसान रात 1 बजे से कतार में खड़े होने लगे हैं। शासन के नए नियम से किसानों की परेशानी बढ़ गई है और किसान अपने उपज को बेचने के लिए जद्दोजहद में लगे हुए हैं। शासन के 1 नियम के मुताबिक मात्र शनिवार को ही अपने धान को बेचने के लिए टोकन कटवाना होगा।
छत्तीसगढ़ शासन द्वारा समर्थन मूल्य पर प्रारंभ किए गए धान खरीदी में अपने धान को बेचने के लिए किसानों को जद्दोजहद करना पड़ रहा है। एक निर्देश के मुताबिक मात्र शनिवार को ही टोकन काटा जाना है, जिसके तहत प्रति सोसाइटी में 1500 क्विंटल धान का लिमिट तय किया गया है, जिसके तहत धान की खरीदी किया जाएगा। इस नए नियम के तहत अब किसान टोकन कटाने के लिए रात 1 बजे से ही कतार में खड़े होने लगे हैं। कड़ाके की ठंड के बावजूद किसानों को 8 से 10 किलोमीटर की दूरी तय कर रात 12 बजे तक सोसाइटी तक पहुंचना पड़ रहा है। हालांकि टोकन काटने का कार्य सुबह 7 बजे से प्रारंभ होना है। लेकिन किसान अपनी बारी पहले आने के चक्कर में रात से ही कतार में खड़े होने लगे हैं। आज धान खरीदी केंद्र पिथौरा में रात करीब 1 बजे से ही 100 से भी अधिक किसान सोसाइटी पहुंचकर कतार में खड़े हो गए थे। धान बेचने की विवशता के चलते ठिठुरती ठंड में भी साल-कंबल ओढ़े कतार में खड़े थे और सुबह होने का इंतजार कर रहे थे। एक ओर धान परिवहन नहीं होने के कारण सोसाइटियों में धान का जाम लग गया है।
























