सरकार ने जारी की Tomato Flu पर एडवाइजरी इन बातों का रखें ध्यान

देश में कोरोना, मंकीपॉक्स के बाद अब एक नए वायरस ने दसतक दी है। इस वायरस का नाम Tomato Flu है जो आजकल खूब चर्चा में आ गया है। एक रिपोर्ट के अनुसार अनुसार बताया गया कि ये एक दुर्लभ वायरल संक्रमण है और Tomato Flu भारत के केरल से शुरू हुआ है। ये बीमारी हाथ, पैर और मुंह की बीमारी का एक नया वेरिएंट है। अगर इस बीमारी को फैलने से नहीं रोका गया तो ये बच्चों के बाद बड़े लोगों में भी फैल सकता है।
स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी
Tomato Flu: इस बीमारी को लेकर स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी एक एडवाइजरी जारी की है। इसमें कहा गया है कि ये यह कोई नई बीमारी नहीं है। हाथ, पैर और मुंह की बीमारी का ये केवल क्लिनिकल वेरिएंट है। आने वाले समय में इस बीमारी के बारे में और ज्यादा जानकारी मिलती है तो इस बारे में लोगों को बताया जाएगा। वहीं स्वास्थ्य मंत्रालय ने जो एडवाइजरी जारी की है उसमें साफ तौर पर कहा गया है कि ये सामान्य बीमारी है और आसानी से ठीक हो जाती है।
डॉक्टरों का क्या है कहना
Tomato Flu: डॉक्टरों का कहना है कि बीमारी से डरने की जरुरत नहीं और ना ही ये कोई नया वायरस है, ना ही किसी अफवाह पर ध्यान देना है। अभी तक देश में 100 से ज्यादा Tomato Flu के मामले आ चुके हैं। बच्चे 5 से 7 दिनों ठीक हो रहे हैं। सरकार ने जो एडवाइजरी जारी की है उसके अनुसार, ये एक वायरल रोग है और इसके इलाज के लिए कोई विशेष दवा नहीं है। इसमें वायरल संक्रमण जैसे लक्षण दिखते हैं जिसमें बुखार, थकान, बदन दर्द है। इसके अलावा इस बीमारी में त्वचा पर फफोले बनता है। इस एडवाइजरी में ये भी बताया गया है कि इस बीमारी का SARS-CoV-2, मंकीपॉक्स, डेंगू या चिकुनगुनिया से कोई संबंध नहीं है। ये रोग हाथ, पैर और मुंह की बीमारी यानी HFMD का ही एक रुप है। ये बीमारी 10 वर्ष से कम उम्र के बच्चों में होता है, लेकिन कुछ दिनों के बाद ये ठीक हो जाता है।
संक्रमित होने पर क्या करें
Tomato Flu: Tomato Flu के अबतक जो मामले सामने आए हैं उसमें ये पाया गया है कि ये बुखार 1 साल से लेकर 10 साल तक के बच्चों को हो रहा है, उसमें भी ज्यादातर बच्चे 1 से 5 साल के बीच के है। इसलिए इस बीमारी में बच्चों का खास ख्याल रखना जरुरी है, क्योंकि छोटे बच्चे में अपनी सेहत को लेकर समझ नहीं होती है। इसलिए संक्रमित बच्चे को सबसे अलग रखें और बच्चे को ना तो गले लगाएं ना ही छुएं। बच्चे की स्वच्छता का खासतौर पर ख्याल रखें। उसके कपड़े लगातार बदलते रहें और नाक से पानी निकलने पर या खांसने के दौरान रुमाल का इस्तेमाल जरुर करें जिससे दूसरे बच्चों में संक्रमण फैलने का खतरा कम हो।



























