सरायपाली : अंचल में मूंग की तोड़ाई चल रही है जोरो पर

अनुकूल मौसम होने से इस सत्र मंूंग उड़द की पैदावार अच्छी होगी। टिकरा फसल में मंूग, उड़द, मुंगफली के लिए जिस तरह से समय-समय में बारिश एवं धूप खिलना चाहिए वह इस वर्ष देखने को मिल रहा है। जिसके चलते विकासखण्ड में मूंग उड़द की फसल लहलहा रही है। वर्तमान में मंूग तोड़ने का काम अंचल में शुरू हो चुका है। उड़द के लिए कुछ समय लगेगा। एक ही टिकरा भूमि में मंूग, मुंगफली या मुंगफली, उड़द की खेती किए जाने से किसानों को दोहरा लाभ मिल रहा है। जिस तरह से दाल का रेट बढ़ रहा है, उसे देखते हुए भी किसान टिकरा फसल में बखूबी मंूग, उड़द, मुंगफली की खेती कर रहे हैं। हालांकि पहले की अपेक्षा इसके रकबा में कमी आ रही है।
वर्तमान में इच्छापुर, प्रेतेनडीह, भोथलडीह, चट्टीगिरोला, रूढ़ा सहित टिकरा भूमि की अधिकता वाले पचासों गांव में इसकी तोड़ाई शुरू हो चुकी है। समय-समय पर अच्छी बारिश एवं मौसम के ठीक रहने का लाभ टिकरा फसल को इस सत्र मिलेगा। इसी तरह मौसम बना रहा तो मंूग तोड़ने के बाद उसे सूखाने में भी किसी तरह की समस्या नहीं आएगी। शुरूवाती दौर में पानी की कमी से टिकरा फसल भी प्रभावित होते दिख रहा था। अब बारिश की किसी भी तरह की समस्या नहीं है। दरअसल खरपतवार नाशक दवाईयों के आ जाने से किसान इन फसलों को लगाने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं। खरपतवार नाशक दवाईयों के छिड़काव करने के बाद टिकरा की निंदाई, गुड़ाई में मजदूरों की संख्या भी कम लगती है। इसके अलावा समय-समय में लगने वाले कीट प्रकोप के रोकथाम के लिए कीटनाशक दवाईयों का छिड़काव किया जाता है, जिसके चलते विकासखण्ड में टिकरा फसल का उत्पादन भरपूर होने की उम्मीद है।
पानी गिरने से मूंग की फसल में मूंग पक गए हैं उसको बचाने के लिए अभी जोरों से मूंग की तोड़ाई चल रही है। कुछ किसानों ने बताया कि अभी धान की खेती कार्य से फुर्सत मिली है तो मूंग की तोड़ाई कर रहे हैं। आधे से ज्यादा मूंग सूख गए हैं, पानी गिरने की वजह से भीग रहा है, इस वजह से तोड़ रहे हैं।

























