जिले में “तुंहर पुलिस तुंहर द्वार”: के तहत पहले दिन ग्रामीणों की समस्याएं सुनने पहुंचे एसपी, कई मामलों में मौके पर एफआईआर दर्ज

छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में “तुंहर पुलिस तुंहर द्वार” योजना के तहत पुलिस ग्रामीणों की समस्याएं सुनने घर-घर जा रही हैं। इस योजना के तहत पहले दिन ग्रामीणों की समस्याएं सुनने एसपी भोजराम पटेल खुद बगबुड़ा गांव पहुँचे। पुलिस कार्रवाई योग्य मामलों में मौके पर ही दर्ज कर रही एफआईआर
आमतौर पर फरियादी अपनी शिकायतें लेकर पुलिस थाने खुद पहुंचते हैं लेकिन कोरबा में पुलिस ने खुद घर-घर जाकर लोगों की शिकायतें सुनने का काम शुरू किया है। कोरबा एसपी भोजराम पटेल ने “तुंहर पुलिस तुंहर द्वार” कार्यक्रम शुरू किया है। कार्यक्रम की शुरुआत के पहले दिन रविवार को एसपी स्वयं बगबुड़ा गांव पहुँचे। गांव में पुलिसकर्मियों ने एसपी के साथ घर-घर दरवाजा खट-खटाकर ग्रामीणों की समस्याएं पूछीं।बगबुड़ा गांव के एक ग्रामीण ने बताया कि वह अपने घर के बगल में शासकीय मद से स्वीकृत शौचालय का निर्माण करवा रहा है जिसे पड़ोसी द्वारा जबरन रोक लगाया जा रहा है और पट्टे की भूमि में बना रहे हो कहकर कर झुठा आरोप लगाकर परेशान कर रहा है। शिकायत सुनकर एसपी ने स्वयं मौके पर जाकर मुआयना किया दोनों पक्षों, और पंचों से बात कर मामले को आपस में सुलझाया। इस कार्यक्रम के अंतर्गत 3 वाहनों में पुलिसकर्मी गांव-गांव जाकर ग्रामीणों के घर पहुंच रहे हैं। उनकी समस्याओं का मौके पर ही निराकरण कर रहे हैं। एसपी ने बताया की थानों में आमजनता के द्वारा की गई शिकायतों के निराकरण करने में समय लगता है। कई बार जनता पुलिस कार्यवाही से संतुष्ट नही रहती है। इसलिए नगर पुलिस अधीक्षक कोरबा, नगर पुलिस अधीक्षक दर्री औऱ एसडीओपी कटघोरा के अधीन एक-एक मोबाइल वाहन तैनात किया गया है। वाहन में एक पुलिस अधिकारी और सहायक नियुक्त किया गया है जो सम्बंधित अनुविभागीय अधिकारी के अधीन कार्य करेंगे। सम्बंधित पुलिस अनुविभागीय अधिकारी थानों में लम्बित शिकायतों की सूची का समीक्षा कर मोबाइल वाहन में तैनात अधिकारी को उस गांव में भेजेंगे जहां शिकायतों की संख्या अधिक है या गम्भीर किस्म की शिकायत है।




























