सरायपाली:प्रतिभा कॉलेज ऑफ एजुकेशन में रजत जयंती के उपलक्ष्य में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया

सरायपाली। प्रतिभा कॉलेज ऑफ एजुकेशन, बालसी में दिनांक 08 सितम्बर 2025 को छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस के रजत जयंती वर्ष 2025 के उपलक्ष्य में एक भव्य एवं गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन छत्तीसगढ़ राज्य में उच्च शिक्षा विभाग एवं पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर की निर्धारित मार्गदर्शिकाओं एवं निर्देशों के अनुरूप सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 11 बजे हुआ। सर्वप्रथम माँ सरस्वती एवं छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत की गई। तत्पश्चात् छत्तीसगढ़ राज्य गीत का सामूहिक गायन किया गया, जिसने उपस्थित विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के मन में गहन उत्साह एवं गर्व की अनुभूति कराई।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. आर. के. चौधरी ने अपने उद्बोधन में कहा कि – “छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं थी, बल्कि यह यहाँ के लोगों की वर्षों की आकांक्षा और संघर्ष का परिणाम है। आज जब हम रजत जयंती वर्ष मना रहे हैं, तो हमें यह स्मरण रखना चाहिए कि शिक्षा, संस्कृति और सामाजिक विकास के क्षेत्र में हमारी जिम्मेदारियाँ और भी अधिक बढ़ जाती हैं। विद्यार्थी वर्ग को इस अवसर से प्रेरणा लेकर राज्य निर्माण में सक्रिय योगदान देना चाहिए।” इस अवसर पर कॉलेज परिसर में विभिन्न प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया। निबंध लेखन प्रतियोगिता का विषय था – “नवा छत्तीसगढ़, नवा जोश”, जिसमें विद्यार्थियों ने राज्य की उपलब्धियों, प्राकृतिक संसाधनों, संस्कृति एवं भविष्य की संभावनाओं पर अपने विचार प्रस्तुत किए। वाद-विवाद प्रतियोगिता में छात्रों ने “छत्तीसगढ़ की प्रगति में शिक्षा का योगदान” विषय पर अपने तर्क एवं प्रत्युत्तर दिए। कार्यक्रमों के अंतर्गत विद्यार्थियों द्वारा राज्य निर्माण आंदोलन की झलक प्रस्तुत की गई। इसके अतिरिक्त “भाषण” में विद्यार्थियों ने छत्तीसगढ़ की परंपरा, लोककला और राज्य के प्रतीकों को अपने रंगों से जीवंत रूप में उकेरा।
समापन सत्र में प्राचार्य चौधरी एवं प्रतिभागि इस दौरान विद्यार्थियों ने सामूहिक शपथ ली कि वे छत्तीसगढ़ के विकास, शिक्षा प्रसार और सामाजिक सद्भाव को आगे बढ़ाने में सदैव योगदान देंगे। कार्यक्रम का संचालन महाविद्यालय के प्राध्यापकों एवं विद्यार्थियों ने मिलकर किया। पूरा वातावरण राष्ट्रभक्ति एवं राज्य गर्व की भावना से ओतप्रोत रहा।
मीडिया प्रभारी श्री समित कुमार बारिक ने बताया कि – “रजत जयंती वर्ष केवल उत्सव का अवसर नहीं है, बल्कि यह राज्य की 25 वर्षों की यात्रा का मूल्यांकन करने और भविष्य की दिशा तय करने का भी समय है। इस प्रकार के आयोजनों से विद्यार्थियों में न केवल सांस्कृतिक चेतना विकसित होती है बल्कि वे समाज और राज्य के प्रति अपनी जिम्मेदारी को भी समझते हैं।” इस अवसर पर महाविद्यालय परिवार के सभी सदस्य, विद्यार्थी, प्राध्यापकगण उपस्थित रहे । सभी ने मिलकर यह संकल्प लिया कि शिक्षा के माध्यम से छत्तीसगढ़ को एक सशक्त, समृद्ध और प्रगतिशील राज्य बनाने में अपनी भूमिका निभाएँगे। इस प्रकार, छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस का यह रजत जयंती वर्ष का आयोजन न केवल स्मरणोत्सव बना बल्कि विद्यार्थियों और शिक्षकों में एक नई ऊर्जा, उत्साह और राज्य के प्रति समर्पण की भावना भी जगाने में सफल रहा ।
























