प्रदेश में पुलिस अधिकारियों और जवानों को अब आधुनिक तकनीक से निशानेबाजी के गुर सिखाए जाएंगे

छत्तीसगढ़ पुलिस अत्याधुनिक वैपन सिम्युलेटर और ड्राइविंग ट्रेनिंग सिम्युलेटर की खरीदी करने की तैयारी चल रही है। राज्य पुलिस मुख्यालय के अधिकारी इसके कवायद में जुटे हुए है। पायलेट प्रोजक्ट के तहत चंदखुरी स्थित नेताजी सुभाषचंद बोस पुलिस प्रशिक्षण एकादमी में फिट किया जाएगा। इसके बाद अन्य प्रशिक्षण केंद्रों में इसे लगाने की योजना बनाई गई है।
महंगे प्रशिक्षण से मिलेगी मुक्ति
फिल्ड में प्रशिक्षण दिए जाने पर ईंधन के साथ ही गोली-बारूद पर होने वाले खर्च से मुक्ति मिलेगी। साथ ही फायरिंग रेंज के निर्माण और प्रशिक्षण के दौरान किसी भी तरह का हादसा होने की संभावना नहीं रहेगी। सिम्युलेटर तकनीक से एक कमरे में निशानेबाजी और वाहन ड्राइविंग सीखने को मिलेगा। इसमें पूरी तरह से पारंगत होने के बाद उन्हें फिल्ड में उतारा जाएगा। बता दें कि सिम्युलेटर से ठीक उसी तरह हथियार एवं वाहन चलाए जाते हैं जैसे मैन्युअल प्रशिक्षण होता है।
कारतूस की जरूरत नहीं
हथियारों का वजन, रिफ्लेक्स एक्शन, दबाव, झटके सभी वैसे ही लगते हैं, जैसे वास्तविक हथियारों से होता है। इस वैपन से एक जवान चाहे जितने निशाने लगा सकता है। इसमें कारतूस की जरूरत नहीं होती है। इसी तरह सिम्युलेटर के जरिए ड्राइविंग का प्रशिक्षण भी मिलेगा। किसी भी तरह की गलती होने पर वह दोबारा मौका मिलेगा।
यह है फायरिंग सिम्युलेटर वैपन
यह एक आधुनिक तकनीक है, जो एक सॉफ्टवेयर के जरिए काम करती है। इसके लिए एक कमरे-हॉल में स्क्रीन और एक कंप्रेशर लगाया जाता है, जो हथियारों को एयर प्रेशर देता है। कंप्रेशर से हथियारों को एक पाइप के जरिए जोड़ा जाता है, ताकि एयर प्रेशर मिलता रहे। जैसे ही हथियार को कॉक करके टारगेट साधा जाता है, प्रेशर से झटका लगता है और टारगेट पर कारतूस लगना शुरू हो जाते हैं। सब कुछ असली हथियार की तरह अनुभव होता है। विशेषकर रात्रि ट्रेनिंग (चांदमारी) में यह काफी मददगार होता है। इससे जवान को यह सीखने को मिलता है कि कहां-कहां से फायरिंग हो सकती है और उसे किस तरफ टारगेट करना है। इससे लंबी और कम दूरी की ट्रेनिंग एक साथ दी जा सकती है। साथ ही जंगल, अंधेरी रात में मुठभेड़ होने और विपरीत परिस्थितियों में फायरिंग करने-लडऩे की तरकीब आसानी से सीख सकते हैं। प्रदीप गुप्ता, एडीजी योजना एवं प्रबंध ने बताया कि पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण देने के लिए एडवांस वैपन और ड्राइविंग ट्रेनिंग सिम्युलेटर की खरीदी की जा रही है। इसकी आपूर्ति होने के बाद पुलिस अकादमी में इसे फिट किया जाएगा।




























