माशिम की दसवीं-12वीं प्रैक्टिकल 10 से, इस बार एक्सटर्नल की देखरेख में पेपर निर्देश जारी

दसवीं-बारहवीं सीजी बोर्ड के तहत प्रैक्टिकल व प्रोजेक्ट वर्क की परीक्षाएं 10 जनवरी से शुरू होगी। इस बार प्रैक्टिकल एग्जाम एक्सटर्नल (बाह्य परीक्षक) की देखरेख में आयोजित किए जाएंगे। पिछली बार प्रैक्टिकल एग्जाम स्कूलों ने अपनी सुविधा के अनुसार निर्धारित समय में लिया। माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) ने एक्सटर्नल की अनिवार्यता खत्म की गई थी। लेकिन इस बार बिना एक्सटर्नल के प्रैक्टिकल नहीं होंगे। माशिमं की ओर से इस संबंध में निर्देश जारी किए गए हैं। अफसरों का कहना है कि बाह्य परीक्षक की नियुक्ति माशिमं से की जाएगी।
नियुक्ति के बाद स्कूल इनसे संपर्क कर प्रायोगिक परीक्षा की तारीख सुनिश्चित करें। किसी कारणवश यदि बाह्य परीक्षक प्रैक्टिकल एग्जाम लेने में असमर्थता जताते हैं तो इनसे लिखित में आवेदन प्राप्त करें। स्कूल अपने स्तर पर एक्सटर्नल की नियुक्ति नहीं करें, अन्यथा इसे मान्य नहीं किया जाएगा।
प्रायोगिक परीक्षाएं 10 जनवरी से 31 जनवरी तक स्कूलों में होगी। स्कूल इसके अनुसार ही अपने शेड्यूल तय करेंगे। गौरतलब है कि पिछली बार कोरोना संक्रमण की वजह स्कूल बंद थे। बोर्ड एग्जाम के लिए प्रैक्टिकल इसी दौर में हुए।तब एक्सटर्नल की अनिवार्यता से स्कूलों को छूट दी गई थी। लेकिन इस बार स्थितियां सामान्य हैं, स्कूल खुल चुके हैं। इसलिए पहले की तरह की प्रैक्टिकल एग्जाम होंगे।
टाइम टेबल इसी महीने आएगा :
दसवीं-बारहवीं सीजी बोर्ड एग्जाम के लिए समय-सारणी इसी माह जारी होगी। माध्यमिक शिक्षा मंडल से इसकी तैयारी की जा रही है। दसवीं-बारहवीं की परीक्षा मार्च के पहले सप्ताह से शुरू होगी। इस बार ऑफलाइन परीक्षा होगी। यानी छात्रों को केंद्र में आकर पेपर देना होगा। कोरोना संक्रमण की वजह से पिछली बार दसवीं की परीक्षा निरस्त की गई थी, जबकि बारहवीं की परीक्षा छात्रों ने घर से दी थी। यही से पेपर लिखकर जमा किया था। इसका असर रिजल्ट पर भी पड़ा था।
प्राइवेट छात्रों के लिए फॉर्म 27 तक :
दसवीं-बारहवीं सीजी बोर्ड परीक्षा 2022 के लिए आवेदन की प्रक्रिया चल रही है। 27 दिसंबर तक फार्म भरे जा सकते है। यह आवेदन प्राइवेट से परीक्षा देने वाले छात्रों के लिए है। विशेष विलंब शुल्क 1100 रुपए देकर आवेदन कर सकते हैं। नियमित छात्रों के आवेदन की प्रक्रिया पहले की खत्म हो चुकी है। करीब 6.82 लाख नियमित छात्र हैं। जबकि बोर्ड एग्जाम के लिए प्राइवेट छात्रों से करीब 6 हजार आवेदन मिले हैं। कोरोना काल से पहले जब बोर्ड एग्जाम होते थे तब करीब 20 हजार छात्र प्राइवेट परीक्षार्थी के तौर पर शामिल होते थे।





























