मृत किसान का वसीयतनामा तैयार कर किया जमीन का सौदा

किसान की मौत के बाद उनके रिश्तेदारों ने फर्जी वसीयतनामा तैयार कर जमीन अपने नाम कर ली। इसके बाद उन्होंने जमीन को बेच दिया। जमीन का पहले ही सौदाकर एडवांस देने वाले ने सरकंडा थाने में मामले की शिकायत की है। इस पर पुलिस ने धोखाधड़ी और कूट रचना का अपराध दर्ज कर लिया है। सिविल लाइन के ओम नगर में रहने वाले हरीशचंद्र सोनी ने बताया कि 2012 में उन्होंने खमतराई स्थित 15 डिसमिल जमीन खरीदने के लिए गांव के निवासी रंजन बोले से 13 लाख रुपए में सौदा किया था
इसके लिए उन्होंने जमीन मालिक को 50 हजार रुपए एडवांस भी दिया था। इसके बाद रंजन जमीन की रजिस्ट्री कराने आनाकानी कर रहा था। इस पर हरीशचंद्र ने मामले को लोक अदालत के समक्ष पेश किया। लोक अदालत में दोनों पक्ष के बीच तीन माह के भीतर रजिस्ट्री कराने सहमति बनी। इसके बाद भी जमीन की रजिस्ट्री नहीं कराई। इसी बीच एक अगस्त 2015 को रंजन की मौत हो गई। उसकी मौत के बाद तुलसी बाई भार्गव, प्रकाश राय व एक अन्य ने वसीयतनामा पेश कर जमीन अपने नाम करा ली। बाद में तीनों ने जमीन को बेच दिया
जमीन बिकने के बाद हरीशचंद्र को इसकी जानकारी हुई। इस पर उन्होंने राजस्व विभाग से जानकारी लेकर इसकी शिकायत सरकंडा थाने में की है। उन्होंने पुलिस को बताया कि जमीन के सौदे के दौरान रंजन ने हस्ताक्षर किए थे। वहीं, वसीयतनामा में रंजन के अंगुठे के निशान है। इसके साथ ही रंजन की मौत के एक दिन पहले के दिनांक में वसीयतनामा तैयार कराया गया है। मामले में सरकंडा पुलिस ने धोखाधड़ी व कूटरचना का मामला दर्ज कर लिया है।

























