बसना: नाड़ी परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया

बसना: गत रविवार को गायत्री शक्तिपीठ परिसर, बसना में एक दिवसीय नाड़ी परीक्षण शिविर संपन्न हुआ। उक्त शिविर का आयोजन अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार का रचनात्मक प्रकल्प पं. श्रीराम शर्मा आचार्य बहूद्देशीय गौसंरक्षण-संवर्धन एवं स्वावलंबन संस्थान (ट्रस्ट) भगतदेवरी के द्वारा किया गया। इस शिविर में विशेष तौर पर पतंजलि योगपीठ सरायपाली के नाड़ी वैद्य आचार्य अर्जुन कुजूर के द्वारा बसना के शहरी एवं ग्रामीण व्यक्तियों का प्राचीन आयुर्वेदिक एवं प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति से प्रातः 7 से 11बजे तक खाली पेट नाड़ी परीक्षण के द्वारा उनके शरीर में विभिन्न प्रकार की बीमारियों का पता लगाकर उसके उपचार हेतु उनको परामर्श दिया गया। आज की आधुनिक अस्त-व्यस्त जीवन शैली के कारण लोग बहुत से गंभीर रोगों जैसे – पेट के रोग, कब्ज, एसिडिटी, गैस, फैटी लिवर, हेपेटाइटिस, लीवर सोरायसिस, हृदय रोग, उच्च एवं निम्न रक्तदाब, शुगर, अर्थराइटिस, कोलाइटिस, माइग्रेन, डिप्रेशन, अनिद्रा, नाभि का खिसकना, आदि से ग्रसित हो रहे हैं। इन सभी गंभीर बीमारियों के लक्षण की जानकारी प्रातः खाली पेट नाड़ी परीक्षण करके प्राप्त की जा सकती है। साथ ही साथ इनका निदान भी प्राकृतिक व आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति में दीर्घकालीन अनुभव के आधार पर लोगों को प्रदान किया। उन्होंने शरीर की प्रकृति वात-कफ़- पित इन तीनों दशाओं का नाड़ी परीक्षण से पता लगाकर लोगों को अपनी दिनचर्या और आहार-विहार में सुधार कर समस्त गंभीर रोगों के रोकथाम के लिए परामर्श दिया। वैद्य कुजूर ने मिट्टी, पानी, सूर्य की रोशनी, और हवा को सभी रोगों की एक दवा का संदेश दिया।
नि:संतान दंपतियों के लिए निःशुल्क विशेष मार्गदर्शन हेतु सरायपाली से नाड़ी वैद्य श्री राकेश कुमार पाणिग्राही जी उपस्थित थे। उन्होंने नि:संतान दंपतियों का नाड़ी एवं श्वास परीक्षण द्वारा स्वस्थ संतान प्राप्ति हेतु विस्तृत परामर्श प्रदान किया। वैद्य पाणिग्राही जी के अनुसार उचित खानपान, रहन-सहन, अनुशासन, और कुछ जड़ी-बूटियों से उपचार के पश्चात संतान प्राप्ति में कोई भी कठिनाई नहीं आती है। उन्होंने शाकाहारी, व्यसन एवं नशा-मुक्त जीवन जीने के लिए लोगों को प्रेरित किया। श्रेष्ठ संतान प्राप्ति हेतु प्राचीन चिकित्सा पद्धति पर आधारित ‘नवमास चिकित्सा प्रकल्प’ की जानकारी उपस्थित लोगों को दी, जिसमें उन्होंने बताया कि गर्भवती महिलाओं को यह सुविधा उपलब्ध कराने पर गर्भस्थ शिशु का शारीरिक एवं मानसिक विकास उच्च स्तर पर होता है। शिशु का जन्म सहजता से होता है और शिशु स्वस्थ एवं प्रज्ञावान पैदा होता है।
उक्त एक दिवसीय शिविर में बसना शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों से कुल 60 व्यक्तियों ने अपना नाड़ी परीक्षण कराकर रोगों के निदान हेतु परामर्श प्राप्त किया। इस अवसर पर पं. श्रीराम शर्मा आचार्य बहूद्देशीय गौसंरक्षण-संवर्धन एवं स्वावलंबन संस्थान (ट्रस्ट) भगतदेवरी के संस्थापक अध्यक्ष श्री विवेक शर्मा, गायत्री परिवार ट्रस्ट बसना के मुख्य प्रबंध ट्रस्टी श्री देवचंद्र नायक, उपाध्यक्ष ट्रस्टी श्री रामचंद्र अग्रवाल, ट्रस्टी श्री वीरेंद्र होता, श्रीमती मालती पटेल, श्री कमल साव, परिव्राजक श्री राधेश्याम यादव, विशेष सहयोगी के रूप में श्री कमलेश कुमार पटेल एवं श्री चंद्रमणि साव भी उपस्थित थे। उक्त कार्यक्रम की जानकारी गायत्री शक्तिपीठ बसना के ट्रस्टी श्री साहेब लाल साव ने दी।
























