
रायपुर(काकाखबरीलाल)। प्रदेश में अल्प वर्षा से प्रभावित कवर्धा, नांदगांव, रायपुर, दुर्ग, महासमुंद, बलौदाबाजार, चांपा-जांजगीर एवं बस्तर में प्यासे खेतों को विभिन्न जलाशयों से पानी दिया जा रहा है। रोपा के लिये व बाद में भी प्यासे खेतों को पानी की आवश्यकता है।
सिंचाई विभाग के अधिकारियों के अनुसार धमतरी के रविशंकर जलाशय परियोजना से 500 क्यूसेक पानी छोड़ दिया गया है जिससे 2 लाख 60 हजार हेक्टेयर में सिंचाई होगी। अभनपुर तथा इसके आसपास एवं तिल्दा नेवरा में इससे सिंचाई हो रही है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों के अनुसार रायपुर के समोदा से भी पानी छोड़ दिया गया है। राजनांदगांव जिले के मोंगरा बैराज, सुरही तथा कवर्धा के क्षीरपानी, सरोदा दादर से भी पानी छोड़ा गया है। कवर्धा वृष्टि छाया वाला क्षेत्र है जहां पानी कम मात्रा में गिरता है। धमतरी जिले के दुधावा एवं गरियाबंद के सोंढूर से पानी छोड़ दिया गया है। दुर्ग के तांदुला में भी प्यासे खेतों के लिए पानी छोड़ दिया गया है।
बस्तर के कोसारटेड़ा से भी 200 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है इससे 1000 हजार हेक्टेयर में सिंचाई होगी। कांग्रेस के विधायक धनेन्द्र साहू ने जलउपयोगिता समिति से पानी छोडऩे की मांग की थी। ज्ञात रहे प्रदेश में इस समय खंड वर्षा हो रही है जिसके कारण यहां सूखे खेतों को पानी की आवश्यकता है। यहां पर रोपा लगाने का काम तेजी से चल रहा है। अब खेतों को पानी मिलने से लोगों में हर्ष व्याप्त है।


























