पिथौरा

धान खरीदी केंद्र पिरदा की जांच पर जिला पंचायत अध्यक्ष की शिकायत को बताया गया बे बुनियाद

पिथौरा(काकाखबरीलाल)।जिला पंचायत अध्यक्ष उषा पटेल द्वारा प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति मर्या पिरदा पंजीयन क्रमांक 1233 के विरूद्ध की गई शिकायत निराधार होने की जानकारी जांच अधिकारी तहसीलदार पिथौरा ने बताई है। गत 16 अप्रेल को जिला पंचायत अध्यक्ष उषा पटेल ने 6 बिन्दुंओ पर पिरदा धान खरीदी केन्द्र में अनियमितता की शिकायत खाद्य, नागरिक एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री अमरजीत भगत से की थी। शिकायत पर कलेक्टर द्वारा जांच समिति बनाकर पिथौरा तहसीलदार टीआर देवांगन के नेतृत्व में खाद्य निरीक्षक पिथौरा सुशीला गबेल, सहकारिता विस्तार अधिकारी पिथौरा एस के डे, पर्यवेक्षक जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक शाखा पिथौरा गजमोहन साहू, संग्रहण केन्द्र प्रभारी पिथौरा अश्विनी ठाकुर को शामिल किया गया। 18 अप्रेल को गठित टीम ने 19 अप्रेल को पिरदा संग्रहण केन्द्र जाकर शिकायत की जांच की। जांच में टीम ने न तो विडियोग्राफी की और ना ही जांच बिन्दुओ पर तर्क सम्मत जांच की। जांच टीम के पंहुचने के बाद पिरदा खरीदी केन्द्र में करीब 3 दर्जन से अधिक लोग मौजूद थे। प्रत्यक्षदर्शियों की माने तो जांच टीम के वहां पंहुचने के पूर्व से ही मिडियाकर्मी, सहकारी समिति के पदाधिकारी व ग्रामीण उपस्थित थे। इतने लोगो के बीच लाॅक डाउन का किस कदर पालन हुआ होगा यह पहला प्रश्न है। इसके बाद जांच दल द्वारा शिकायतकर्ता का बयान लिए बगैर ही जांच प्रतिवेदन भेजे जाने की सूचना से जांच दल की भूमिका भी संदेह के दायरे में आ गई है। जांच दल प्रभारी एवं तहसीलदार पिथौरा के अनुसार महज 754 बोरा धान ही डेनेज की लापरवाही के कारण खराब होना बताया गया है।

शिकायत के विपरीत हुई जांच

जांच दल प्रभारी एवं तहसीलदार टीआर देवांगन ने बताया कि उन्हें 3 दिवस के भीतर जांच करने की समय सीमा दी गई थी। जबकि कलेक्टर कार्यालय द्वारा जारी जांच आदेश में ऐसे किसी समय सीमा का उल्लेख नही था। तहसीलदार टीआर देवांगन के अनुसार जल्दी जांच के आदेश के कारण उन्होनें स्टेकिंग कराए बिना ही धान के स्टाक का मिलान कराया है। जबकि पिरदा धान खरीदी केन्द्र में बिखरे पड़े धान के बोरो को देखकर धान की दुर्गति होने का नजारा आसानी से देखा जा सकता है। इतना ही नही धान के बोरे के मिलान के साथ-साथ धान के किस्म का मिलान कर उसकी मात्रा जांचने पर भी अधिकारी ठीक से जवाब नही दे पा रहे है। अमानक गुणवत्ता का धान खरीदने की शिकायत पर जांच की जानकारी पूछने पर अधिकारियों ने खरीदे गए धान को मानक बताया है। इधर शिकायतकर्ता के अनुसार धान शार्टेज को दूर करने धान के बोरो में रेत भरने की शिकायत के जांच में भी जांच अधिकारी द्वारा सभी बोरे की जांच किया जाना संभव नही होना बताया गया है। ऐसे में जांच दल की कार्रवाई संदेह के दायरे में है। शिकायत जांच के अगले दिन 20 अप्रेल की शाम धान खरीदी केन्द्र पिरदा में बगैर चैकीदार और जिम्मेदार कर्मचारियों के दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों के भरोसे ही धान की रखवाली का जिम्मा छोड वहां के प्रभारी नदारद पाए गए।

नियम दरकिनार

जांच अधिकारियों ने नियमानुसार जांच करने की बात तो कही पर धान के भर्ती बोरो का वजन न किया जाना और पुराने बारदाने के भीतर के धान की स्थिति का जायजा न लिया जाना संदेहास्पद है। इन तथ्यों को दरकिनार कर धान के अधूरे स्टेक की गिनती भी किस प्रकार हुई होगी इस पर भी संदेह जताया जा रहा है। शिकायतकर्ता जिला पंचायत अध्यक्ष उषा पटेल की शिकायत पर उनका बयान लिए बगैर इस तरह अधूरी जांच की जा रही हो तो ऐसे में आम लोगो द्वारा की जाने वाली शिकायतो पर क्या किया जाता होगा कहना अतिशियोक्ति होगी।

  ‘‘ 19 अप्रैल को 5 सदस्यीय टीम द्वारा जांच की गई। अधिकांश शिकायत निराधार पाई गई। डेनेज सिस्टम का पालन नही करने के कारण 754 बोरा धान खराब पाया गया। धान की मात्रा लगभग बराबर है। शिकायतकर्ता को दूरभाष पर सूचना दी गई थी। उनका बयान नही हो पाया।

टीआर देवांगन, जांच दल प्रभारी तहसीलदार पिथौरा

‘‘ शिकायतकर्ता को बहलाकर शिकायत की गई थी। स्टाक पूरा मिला है। जांच के दौरान बहुत से मिडियाकर्मी आए थे। सबने सोशल डिस्टेसिंग का पालन भी किया। सबके लिए चाय-नाश्ता का व्यवस्था था। ‘‘
मोहन पटेल, खरीदी केन्द्र प्रभारी पिरदा
‘‘ ‘‘
मेरे शिकायत मे जाँच की जानकारी मुझे प्राप्त नहीं हुयी,न ही मुझसे जाँच अधिकारी ने कोई बयान लिया हैं, मेरे द्वारा खरीदी केंद्र मे धान सम्बंधित शिकायत मंत्री जी दी जा चुकी हैं,
उषा पटेल, अध्यक्ष जिला पंचायत महासमुंद

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Ramkumar Nayak

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