फेसबुक CEO मार्क जुकरबर्ग ने मानी गलती, बोले- डेटा सुरक्षित नहीं रख सकते तो सेवा का भी अधिकार नहीं

न्यूयार्क रिपोर्ट / डेटा चोरी के मामले में सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक और एक ब्रिटिश कंपनी का नाम आने के बाद अब फेसबुक के CEO मार्क जुकरबर्ग ने सफाई दी है। उन्होंने इस मामले में गलती मानी और जोर देकर कहा कि यह फेसबुक की जिम्मेदारी है कि वह अपने यूजर्स के डेटा को सुरक्षित रखे। उन्होंने यह भी कहा कि अगर यह साइट ऐसा करने में नाकाम रहती है तो उसे सेवा देने का भी कोई अधिकार नहीं है। उनका यह बयान डेटा लीक की खबरों के बीच आया है, जिसके केंद्र में फिलहाल 2016 का अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव है। बताया जाता है कि इस लीक से ब्रिटिश फर्म कैम्ब्रिज एनालिटिका को फायदा हुआ है, जिसके पास डोनाल्ड ट्रंप के चुनाव अभियान की जिम्मेदारी थी।
इस खुलासे के सामने आने के बाद भारतीय राजनीति में भी तूफान आया हुआ है। केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने जहां ब्रिटिश फर्म कैम्ब्रिज एनालिटिका से कांग्रेस के संबंध जुड़े होने की बात कही है, वहीं कांग्रेस ने इसे सिरे से खारिज करते हुए इसे बीजेपी का एजेंडा करार दिया। बीजेपी का आरोप है कि कांग्रेस ने 2019 के चुनाव अभियान के लिए इस फर्म की मदद ली है, जिस पर डेटा चोरी के गंभीर आरोप हैं। कई मीडिया रिपोर्ट्स में इसे कांग्रेस के ‘ब्रह्मास्त्र’ के तौर पर बताया गया है। हालांकि कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने बुधवार को प्रेस कांफ्रेंस कर सभी आरोपों का खंडन किया ।

























