आज की युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा स्रोत है गुलाब की खेती

छतरसिग पटेल।सरायपाली।धान की खेती के लिए मशहूर फुलझर अंचल अब यहाँ के किसान ब्यावसायिक खेती कि ओर ध्यान देने लगे हैं. ग्राम छुईपाली सिघनपुर में एक किसान के द्वारा विगत तीन वर्षों से 2 एकड़ में गुलाब की खेती की जा रही है. स्थानीय स्तर पर तो इसकी मांग शादी मे हि रहता है, लेकिन अन्य दिनों में रायपुर से उडीसा के अनेक शहरों में मांग लगातार बना रहता है . हर दिन करीब 400 गुलाब की फूल निकलते हैं, जो अनेक शहरों में सप्लाई किया जाता है. छुईपाली के किसान प्रशांत पटेल के द्वारा 1 करोड़ 6 लाख कि लागत से 2 एकड़ में 2 पाली हाऊस का निर्माण किया गया है व 80 हजार गुलाब की पौधे लगाया गया है. इसके लिए बागवानी बोडृ द्वारा 50 प्रतिशत सब्सिडी दी गई है सभी पौधे को पूणे महाराष्ट्र से मंगाया गया है.
डीरिप सिचाई माध्यम से सिचाई कि जाता हैं, व कीटनाशक छिड़काव के लिए भी पाईप के द्वारा संचालित होता है. बीच बीच में इसमें खाद भी डाला जाता है.
युवाओं के लिए हो सकता है प्रेरणादायी
लगातार गिर रहें जल स्तर से कम पानी में भी अच्छी आमदनी कैसे मिल सकता है, इसका उदाहरण छुईपाली में देखा जा सकता है.धान कि फसल वर्ष मे 2 बार ही लिया जाता है और परिवार के लिए दो बार हि राशि मिलता है, लेकिन किसान अन्य ब्यावसायिक फसले जैसे परबल, भिडी, टमाटर , मशरूम आदि में रूचि लेने पर कम समय व कम पानी में ज्यादा लाभ उठा सकते हैं।
























