
पिथौरा। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना नवदंपत्तियों को संवेदनशील मुख्यमंत्री डा रमनसिंह का अनुपम उपहार है। इस योजना के तहत पिछले वर्षों में हजारों दंपत्तियां परिणय सूत्र में आबद्ध हुई है कन्यादान महादान है। सरकार सभी वर्ग और समूह के लोगों के मुख में मुस्कान ला रही है बाल्यकाल को संवारने के बाद यौवन अवस्था में विवाह संपन्न कराकर वृद्धावस्था में पेंशन और तीर्थ यात्रा जैसे कार्यों के माध्यम से रमन सरकार जन-जन के कल्याण का कार्य कर रही है एक जमाना था जब बच्चियां पैदा होती थी तो परिवार कर्ज से ग्रस्त रहता था लेकिन आज डा रमन सिंह और प्रधानमंत्री मोदीजी के राज में बेटियां पैदा होते ही नोनी सुरक्षा योजना का लाभ उठाकर लखपति बन जाती है। बेटियां परिवार का बोझ नहीं बल्कि अब परिवार का बोझ हल्का करने वाली हो गई हैं। उपरोक्त बातें संसदीय सचिव रूपकुमारी चौधरी ने स्थानीय गायत्री मंदिर में मुख्यमंत्री कन्या विवाह कार्यक्रम के तहत महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित सामूहिक विवाह कार्यक्रम में नवदंपत्तियों को शुभकामनाएं देते हुए ब्यक्त की।
अन्य पिछड़ा वर्ग प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एवं खल्लारी विधायक चुन्नीलाल साहू ने विवाह योजना में लाभान्वित हो रहे तथा अक्षय तृतीया के देवलग्न में परिणय सूत्र में बंध रहे सभी युवक युवतियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हमारी सरकार जाति धर्म के दायरे से उपर उठकर काम कर रही है जिसका प्रत्यक्ष उदाहरण आज गायत्री मंदिर में संपन्न हो रहे विवाह समारोह में देखने को मिल रहा है। जिसमें एक इसाई दंपत्ति भी योजना का लाभ लेते हुए वैदिक रीति से विवाह बंधन मंें बंध रहें है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में इस रचनात्मक परंपरा की शुरूआत साहू समाज ने की है और आज सरकार की इस अभिनव योजना का लाभ हजारों लोग ले रहें है। किरीतियों के कारण समाज में आडंबर ने पैर पसार रखा है जिसके कराण हर आदमी अपने हैसियत से ज्यादा खर्च करता है व कर्ज तले दबे रहता है। आज हम लोग दिखावा के चक्कर में महंगी शादी करने में अपनी शान समझते है। जिसमें चिंतन करते हुए परिवर्तन अत्यावश्यक है। बेटा बेडी में भेद नहीं होना चाहिए सरकार बेटियों के सुरक्षा के लिए गंभीर है तथा उनके जन्म से पढ़ाई, कन्या विवाह, नोनी संरक्षण जैसे योजनाएं संचालित कर रही है। जिसका समुचित लाभ लेने के लिए हमें जागरूक होना पड़ेगा। अक्षय तृतीया के अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 20 जोड़ों को वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विवाह संपन्न कराया गया। गायत्री परिवार के तुकाराम पटेल सहित अन्य लोगों ने इस कार्य में अपना योगदान दिया। इस अवसर पर अतिथियों के द्वारा विवाहित जोड़ों को उपहार सामाग्रियां भेंट की गई। विवाह कार्यक्रम में सादराम पटेल, सेतराम पटेल, हरजिंदर सिंह पप्पू, मनमीत छाबड़ा, मन्नूलाल ठाकुर, क्षमा गोयल, मनराखन ठाकुर, राजेंद्र सिन्हा, मनोहर साहू परियोजना अधिकारी सीएल साहू सहित नागरिकगण उपस्थित थे।
























