पिथौरा

आज से भगवान जगन्नाथ प्रभु को लू लगने से हुए बीमार, 15 दिनों के लिए भगवान जगन्नाथ स्वामी मंदिर के पट किये गए है बंद

 

नंदकिशोर अग्रवाल,काकाख़बरीलाल@ पिथौरा। “क्या आपने कभी सुना है कि दुनिया के पालनहार भगवान खुद भी कभी बीमार पड़ जाते हैं? सुनकर भले ही अजीब लग रहा होगा, लेकिन इस संसार में भगवान भी बीमार हो जाते हैं. जी हां… हम बात कर रहे है महासमुंद जिले के पिथौरा नगर के भगवान जगन्नाथ स्वामी जी की. जो आज से 15 दिनों के लिए लू लगने से बीमार हो गए हैं. जिसके चलते अब 15 दिनों के लिए भगवान जगन्नाथ स्वामी मंदिर के पट बंद कर दिए गए हैं ।
दरअसल, यहां मान्यता है कि वैदिक मंत्रोच्चार के साथ औषधीय जल से भगवान को स्नान कराया जाता है. इसी दौरान लू लगने से भगवान बीमार पड़ जाते हैं. जिससे उनकी दिनचर्या और भोजन व्यवस्था भी बदल दी जाती है. ठीक होने तक उन्हें प्रतिदिन वैद्य द्वारा दवा देने की परंपरा भी निभाई जाती है. इस दौरान मंदिर के कपाट भक्तों के लिए बंद कर दिए जाते हैं।

महासमुंद जिले के पिथौरा नगर में भगवान जगन्नाथ स्वामी जी का प्राचीन मंदिर है, जहां पर भगवान जगन्नाथ स्वामी अपनी बहन सुभद्रा एवं भाई बलभद्र के साथ विराजमान हैं. मंदिरों की नगरी पिथौरा में भगवान जगन्नाथ स्वामी जी के मंदिर में रथयात्रा का कार्यक्रम बड़े धूमधाम हर्षोल्लास के साथ विगत कई वर्षों से भी मनाने की परंपरा चली आ रही है. लेकिन रथयात्रा के पहले भगवान को लू लग जाने से वे बीमार पड़ जाते हैं. भगवान जगन्नाथ स्वामी जी को धूप में स्नान कराने से लू लग जाती है. जिसके चलते वे बीमार हो गए हैं.अतःअंदर के पट भगवान के स्वस्थ होने तक दर्शन हेतु बंद कर दिए गए ताकि उनका उचित इलाज हो सके एवम वे स्वस्थ होने तक आराम कर सकें।

बीमार भगवान के ठीक होने के लिए भक्त करते हैं प्रार्थना

भगवान जगन्नाथ स्वामी मंदिर में आज के दिन सुबह पुजारी की उपस्थिति में भगवान के स्नान यात्रा की रस्म अदायगी की गई. इसी के साथ ऐतिहासिक रथ यात्रा महोत्सव का आगाज भी हो जाता है. बीमार भगवान को ठीक करने के लिए भक्त प्रार्थना करते हैं. सबसे पहले भगवान को मंदिर के गर्भगृह से बाहर लाया जाता है.

भगवान जगन्नाथ की पारंपरिक तरीके से निकलती है भब्य रथ यात्रा

पिथौरा नगर में नगर के प्रतिष्ठित नागरिकों की अगुवाई में आषाढ़ शुक्ल की द्वितीया को जगन्नाथ महाप्रभु जी की रथयात्रा निकालने की शुरुआत हुई. बीते 60 वर्षों से रथयात्रा निकालने का सिलसिला यहां अनवरत चला आ रहा है. इस रथ यात्रा में हजारों की भीड़ के साथ यहां पुरी की तर्ज पर भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा पारंपरिक तरीके से निकाली जाती है.जो स्थानीय मुख्य मार्गो से नगर की जनता को दर्शन देते हुवे भगवान श्री जगन्नाथ स्वामी जी को राजमहल स्थित अपनी मौशी जी के यहां पहुँचती है।बताते चले कि पिथौरा की रथयात्रा अंचल में प्रसिद्ध है।इस दौरान यहाँ मेला लगता है जिसमे दूर दूर से भक्तगण आते हैं और भगवान के दर्शन के साथ साथ मेले का लुफ्त भी उठाते हैं।

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काका खबरीलाल

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