पहली बार लोकल सरिया चिल्हर में 62 हजार, ब्रांडेड 64 हजार रुपए टन

देशभर में कोयला संकट के कारण उद्योगों की हालत खराब हो गई है। इसका पूरा असर कीमत पर पड़ने लगा है। इतिहास में पहली बार लोकल सरिया की चिल्हर में कीमत 62 हजार और ब्रांडेड की 64 हजार रुपए हो गई है। पखवाड़ेभर में कीमत में छह हजार का इजाफा हुआ है। स्पंज आयरन की कीमत भी रिकार्ड 35 हजार पर पहुंच गई है। दस माह पहले जनवरी में कच्चे माल की कमी और कीमत के चलते सरिया की कीमत 60 हजार तक गई थी। पूरे देश में कोयले को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। एक तरफ पॉवर प्लांटों को कोयला नहीं मिल रहा है तो दूसरी तरफ उद्योगों की हालत ज्यादा खराब है। स्पंज आयरन और रोलिंग मिलों को कोयला की ज्यादातर आपूर्ति एसईसीएल से होती है, लेकिन वहां से इनको पर्याप्त कोयला नहीं मिल पा रहा है। इधर खुले बाजार में कोयले की कीमत आसमान पर चली गई है। देशी कोयला जहां 18 हजार रुपए टन हो गया है, वहीं इंडोनेशिया से आने वाला कोयला 19 हजार रुपए टन पहुंच गया है। कोयले की ज्यादा कीमत के कारण उत्पादन लागत बढ़ गई है।
सरिया के उत्पादन से जुड़े कारोबारियों का कहना है, पहली बार सरिया की कीमत इतनी ज्यादा हुई है। इस समय 10 से 20 एमएम सरिया की बेसिक कीमत 50 हजार और 8 एमएम सरिया की बेसिक कीमत 51 हजार है। इसके अलावा 9 हजार रुपए जीएसटी है। ऐसे में थोक में कीमत 60 हजार पार हो गई है। चिल्हर में मालभाड़ा और चिल्हर कारोबारियों का मुनाफा मिलाकर यह 62 हजार तक बेचा जा रहा है। जहां तक ब्रांडेड कंपनियों का सवाल है तो इनकी कीमत डेढ़ से दो हजार रुपए ज्यादा रहती है। चिल्हर में 8 एमएम का सरिया जहां 64 हजार में मिल रहा है, वहीं बाकी की कीमत 62 हजार है। स्टील उत्पादक और राेलिंग मिल एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज अग्रवाल का कहना है, सरिया की पहली बार इतनी कीमत पहुंची है। इधर स्पंज आयरन के अध्यक्ष अनिल नचरानी का कहना है, स्पंज आयरन की कीमत भी पहली बार रिकार्ड स्तर पर पहुंची है। जनवरी में 60 हजार थी कीमत सरिया के पहले की रिकार्ड कीमत की बात करें तो पिछले साल नवंबर और दिसंबर में कच्चे माल की कीमत आसमान पर जाने के कारण सरिया की कीमत लगातार बढ़ी थी। तब आयरन ओर की कीमत के कारण जहां स्पंज आयरन की कीमत आसमान पर पहुंच गई थी, वहीं सरिया चिल्हर में 60 हजार रुपए हो गया था। इसके बाद फरवरी में इसकी कीमत में 15 हजार की कमी आई थी। बेसिक कीमत 50 हजार से सीधे 35 हजार हो गई थी।





























