सरायपाली : कुत्तों के आतंक से परेशान हैं शहरवासी

कुत्तों के झुण्ड से वाहन चालकों को दुर्घटना का भी खतरा सरायपाली। शहर सहित पूरे अंचल में इन दिनों आवारा कुत्तों का आतंक जोरों से दिखाई दे रहा है। झुण्ड में घुमने वाले कुत्तों से बच्चों को सबसे अधिक खतरा बना हुआ है। सभी मुख्य मार्गों में इन दिनों कुत्तों की मौजूदगी की वजह से दुपहिया, चार पहिया वाहन चालकों के लिए भी ये खतरा साबित हो रहे हैं। अचानक सड़क पार करते समय कई बार वाहन चालक इनके चपेट में आ रहे हैं और गिरकर घायल हो रहे हैं। कुत्तों पर लगाम लगाने के लिए प्रशासन द्वारा किसी तरह का भी इंतजाम नहीं किए जाने के कारण इनकी संख्या दिनों दिन बढ़ती जा रही है। पूरे अंचल में इन दिनों आवारा कुत्तों की संख्या इस तरह बढ़ रही है कि हर गली मोहल्लों से लेकर प्रमुख सड़कों में ये यातायात के लिए बाधक बन रहे हैं। इनकी संख्या इक्के- दुक्के नहीं बल्कि हमेशा झुण्ड में रहने से पैदल चलने वाले तथा साइकिल सवार लोगों को काटने का खतरा भी बना हुआ है। नगर के मुख्य मार्ग सहित पदमपुर रोड, सारंगढ़ रोड, सरसीवां रोड आदि कई जगहों पर मोटरसायकल सवार आवारा कुत्तों की वजह से दुर्घटनाग्रस्त हो चुके हैं। सुबह से लेकर शाम तक इनका मुख्य अड्डा सड़क ही बना हुआ है। झुण्ड में रहने की वजह से ये और भी खतरनाक साबित हो रहे हैं। शहर के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में भी आवारा कुत्तों की संख्या प्रतिवर्ष बढ़ रही है। जिस तरह से आवारा कुत्ते बढ़ रहे हैं उससे कुत्तों के काटने की घटना भी बढ़ती जा रही है। स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में औसतन 1500 से 2000 तक मरीज प्रतिवर्ष पहुंचते हैं। जबकि कुत्तों के काटने पर जड़ी बुटी से ईलाज करवाने वालों की संख्या अलग है। जिसके कारण मरीजों को बाहर से इंजेक्शन लेकर जाना पड़ रहा है। आवारा कुत्तों की संख्या पर लगाम लगाने के लिए स्थानीय स्तर पर शासन की ओर से कोई इंतजाम नहीं है। जिससे इनकी संख्या हर साल जोरों से बढ़ रही है। इसके बावजूद भी इनकी बेतहाशा वृद्धि पर लगाम लगाने हेतु किसी भी प्रकार की कोशिश नहीं हो रही है। प्रतिदिन 4 से 5 मरीज पहुंच रहे सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र-बीएमओ इस संबंध में खण्ड चिकित्सा अधिकारी डॉ भरत कोसरिया से पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में ओपीडी खुले रहने तक प्रतिदिन 4 से 5 मरीज पहुंच रहे हैं। अभी मरीजों के लिए वैक्सिन उपलब्ध है। पिछले एक माह से कुत्ते काटने वाले मरीजों की संख्या लगातार बढ़ी रही है। जबकि माह में औसतन लगभग 200 मरीज सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पहुंच रहे हैं। प्रत्येक मरीज को 4 वैक्सीन लगाया जाता है।

























