सरायपाली : जर्जर खपरैल के भवन में पढा़ई करने को मजबूर बच्चे

शिक्षा विभाग द्वारा शासकीय तथा अनुदान प्राप्त स्कूलों को समान अधिकार दिया गया है। चाहे वह शिक्षकों का मानदेय हो या स्कूलों का विकास, परंतु विकासखण्ड के ग्राम बोईरमाल में स्थित शासकीय अनुदान प्राप्त फुलझर प्राथमिक शाला में भवन के अभाव मैं बच्चों को बहुत अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

जानकारी अनुसार प्राथमिक शाला बोईरमाल में पहली से पांचवीं तक 50 बच्चे अध्ययनरत हैं, जिनके पढ़ाई के लिए दो शिक्षक नियुक्त है। जिस भवन में बच्चों को पढ़ाया जाता है, वह खपरैल का भवन है, थोड़ी सी बरसात होते ही खपरैल के छत से
पानी टपकने लगता है। पानी टपकने की वजह से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। विद्यालय के प्रधान पाठक चैतन्य नायक ने
बताया कि यह स्कूल पहले मिशन के अंतर्गत था। पश्चात 1970 से शासकीय अनुदान प्राप्त हुआ है। यहां का भवन पुराना होने के
कारण बच्चों पर हमेशा खतरा मंडरा रहा है। यह भवन कभी भी गिर सकता है। वहीं छत खपरैल का होने के कारण प्रतिवर्ष मरम्मत किया जाता है। परिसर में स्व लक्ष्मण सतपथी द्वारा भवन बनाया जा रहा था, लेकिन वह निर्माणाधीन है। पालकों द्वारा भवन निर्माण के लिए कई बार जनप्रतिनिधियों से मांग की जा चुकी है, परंतु अभी तक इस ओर ध्यान नहीं दिया गया है। विगत दिनों विधायक किस्मतलाल नंद, बोईरमाल दौरा के दौरान स्कूल पहुंचे थे, जहां पर वे ग्रामीणों से रूबरू हुए। तभी ग्रामीणों के द्वारा स्कूल भवन के लिए मांग की गई, जिसपर विधायक ने जल्द भवन निर्माण के लिए आश्वासन दिया था। ग्रामीण भी अब इसी इंतजार में है कि उनकी मांग कब पुरी होगी


























