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जाको राखे साइयां, मार सके न कोय: चलती ट्रेन से 6 किमी दूर जा गिरी बच्ची, हालत में देखकर यात्रीगढ़ के उढे़ होश

दिल्ली (काकाखबरीलाल) . जाको राखे साइयां, मार सके न कोय. ऐसा नहीं है कि यह कहावत पहली बार सही साबित हुई है. हमारे देश में ऐसी कई घटनाएं घटी हैं जिनमें लोगों की जान बचना नामुमकिन था, फिर भी वे मौत को मात देकर जीवित हैं. कुछ ऐसी ही घटना पंजाब के समराला में घटित हुई. जहां एक डेढ़ साल की मासूम बच्ची 90 किमी की रफ्तार से जा रही ट्रेन की इमरजेंसी विंडो से बाहर गिर गई. यह बच्ची करीब दो घंटे तक रेलवे ट्रैक के किनारे एक खेत पड़ी रही. गनीमत यह रही कि इस मासूम को मामूली चोटें आईं और वह सही सलामत बच गई.
जानकारी के मुताबिक अमृतसर से मुंबई के बांद्रा टर्मिनल जा रही ट्रेन नंबर 12925 पश्चिम एक्सप्रेस की एक बोगी में वैशाली शर्मा अपने 3 मासूम बच्चों के साथ मुंबई जा रही थीं. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक जिस वक्त बच्ची ट्रेन से बाहर गिरी, तब उसकी मां उसे दो नन्ही-नन्ही, मगर इससे बड़ी बहनों के साथ सीट पर छोड़कर वॉशरूम गई हुई थी. जब वह अपनी सीट पर वापस आईं तो उनकी पांच साल की बड़ी बेटी ने बताया कि डेढ़ साल की बहन माहिरा इमरजेंसी विंडो से बाहर गिर गई है. इस घटना के बारे में सुनकर बोगी में हड़कंप मच गया, सभी यात्री बच्ची के ट्रेन से गिरने की बात सुनकर हक्के-बक्के रह गए. चीख चिल्लाहट के बाद यात्रियों ने ट्रेन को रुकवाया. जब ट्रेन रुकी तो यह हादसे से करीब छह किमी की दूरी पर जा पहुंची थी. घटना का पता लगते ही न सिर्फ ट्रेन का सुरक्षा अमला, बल्कि इसमें सफर कर रहे लोग भी बच्ची की तलाश में जुट गए.

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छत्तरसिंग पटेल

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