स्वस्थ होने के बाद स्वयं भगवान रथ पर सवार होकर भक्तों को दर्शन देने निकले मंदिर से बाहर, दर्शन के पश्चात पहुंचे राजा महल स्थित अपने मौसी के घर

नंदकिशोर अग्रवाल, काकाखबरीलाल@ पिथौरा नगर। रथयात्रा पर्व नगर में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। भगवान भलभद्र, जगन्नाथ और सुभद्रा माता का आज प्रात: सिंगार किया गया। तथा तीनों का श्रृंगार कर सुसज्जित रथ में विराजित कर जनकपुरी लाया गया। रास्ते भर दर्शन के लिए लोगों का तांता लगा रहा। बाजार चौक में लगभग दो घंटे तक रथ दर्शनार्थियों के लिए रूका रहा। लोग रथ में चढ़कर अपने आराध्य का दर्शन करते रहे और गजामूंग का प्रसाद वितरण होता रहा।
पिथौरा का रथयात्रा क्षेत्र में काफी प्रसिद्ध है यहां पर रथयात्रा की पूरी प्रक्रिया पुरी स्थित जगन्नाथ मंदिर की तरह ही होती है कई सालों बाद यह भी देखने को मिला कि रथयात्रा के दिन पिथौरा शहर में इंद्र देव हल्की बारिश से भगवान जगन्नाथ जी को स्नान करवाया। प्रात: से ही मौसम खुला रहा। लेकिन उसके बाद मौसम ने करवट बदली और मानों भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा के लिए इंद्रदेव ने अपनी मेहरबानी कर हल्की बारिश से आशीर्वाद पा लिया हो हो। मौसम खुला लोगों की भीड़ भी उमड़ी तब कहीं दुकानदारों के चेहरे भी खिले। हांलाकि रथयात्रा के बीच में भी पांच मिनट बारिश हुई जिसे लोगों ने शुभ संकेत कहा।
पंद्रह दिनों तक भगवान जगन्नाथ, भलभद्र और सुभद्रा माता बीमार रहे जिन्हें काढ़ा पिलाया गया और उनकी तीमारदारी की गई। कल भगवान स्वस्थ हुए तथा उनका पूरा सिंगार किया गया। आज रथयात्रा में सवार होकर भगवान अपने ननिहाल पहुंचे। पिथौरा में भगवान जगन्नाथ का बहुत पुराना मंदिर है और उनका ननिहाल जनकपुर राजमहल पिथौरा में अवस्थित है। मंदिर चौक स्थित जगन्नाथ मंदिर में परंपरागत ढंग से पूजन अर्चन के साथ भगवान की सवारी निकली जो कि राजमहल तक हजारों लोगों की उपस्थिति में पंहुची। इस दौरान श्रद्धालुओं में भगवान के दर्शन और रथ को खींचने के लिए होड़ मची रही। आसपास के गांवों से पिथौरा के रथयात्रा की भव्यता की झलक पाने हजारों की संख्या में जुटे हुए श्रद्धालुओं के लिए श्री नागरिकों द्वारा मीठे शरबत एवं जल की ब्यवस्था की गई थी।वहीं कृषि उपज मंडी में श्रद्धालुओं के द्वारा भंडारे का भी आयोजन किया गया था। इस वर्ष मीना बाजार के रथ यात्रा के समय से आने से दूर दराज से रथ यात्रा में पहुचे लोगों में खुुुशी का माहौल देखा गया। रथ यात्रा के समय सुरक्षा की भी पुलिस द्वारा पुख्ता इन्तजाम किये गये थे जिससे रथयात्रा का उत्सव निर्विघ्न संपन्न हुवा।

























