पुरातत्व संग्रहालय में विश्व पर्यटन दिवस तथा हिन्दी पखवाडा का समापन हुआ.

– डिग्रीलाल जगत
बालाघाट (काकाखबरीलाल) । इतिहास एवं पुरातत्व शोध संस्थान संग्रहालय सर्किट हाउस के पास बालाघाट में विश्व पर्यटन दिवस सुभाष गुप्ता सेवा निवृत्त आय कर अधिकारी के मुख्य अतिथि में तथा आचार्य डाॅ.वीरेन्द्र सिंह गहरवार “वीर”, संग्रहाध्यक्ष, पुरातत्व संग्रहालय की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। संग्रहालय द्वारा 14 सितम्बर से 27 सितम्बर तक हिन्दी दिवस पखवाडा तथा संस्थान स्थापना पर्व मनाया गया, जहाँ प्रति दिन प्रबुद्ध श्रोता गण पठन-पाठन करते हुए, हिन्दी के उत्थान करवाने ध्यानाकर्षण करवाया गया, इसी कड़ी में विश्व पर्यटन दिवस पर बालाघाट जिले के 6 केन्द्र सरकार के संरक्षित लांजी क्षेत्र के कोटेश्वर मंदिर, किला, बैहर क्षेत्र के शिव मंदिर, गढ़ी का किला, प्राचीन मंदिर रायगढ़ (पिपरवारा), प्राचीन गढ़ी इसमें सदा भादा नाम से 53 पाषाण प्रतिमाएॅ सोनखार, राज्य सरकार के हट्टा बावली, धनसुवा का गोंसाई मंदिर ही अधिपत्य में हैं, शेष नरसिंह मंदिर लामटा, शिव मंदिर जाम, शिव मंदिर तिरोड़ी, सती स्तंभ चाकाहेटी, रामपायली का राम मंदिर, बीसापुर, चागोंटोला, महादेवी खोली,सावरझोड़ी, रानीकोठार (कव्हरगढ़), देवी मंदिर वाहकल, गोमजी सोमजी, लूद के पाषाण प्रतिमाएॅ जो आज भी असंरक्षित बिखरे पुरातात्विक अवशेष सर्वाधिक मात्रा में जर्जर अवस्था में बिखरे हुए हैं , जिन्हें संगोष्ठी के माध्यम से शासन/प्रशासन का ध्यानाकर्षण करवाया गया। गेंदलाल पांचे तथा कमला नेहरू महिला महाविद्यालय की छात्राएँ मीना ठकरेले, बबिता नगपुरे, मानसी सोलखे, रोशनी धूमकेती, स्वाति बोकड़े, चेतना लिल्हारे, साक्षी गेड़ाम, अनुराधा साकरे, कविता पटले, रोशनी लिल्हारे, रीना टेंभरे, अंजनी देवारे, प्रगति केकते, खुशबु उइके, मनीषा नगपुरे, क्रीति फुलाके आदि उपस्थित होकर बालाघाट जिले के पुरातात्विक स्थलों का अवलोकन किया।























