सूचना का अधिकार अधिनियम का किया जा रहा है खुला उल्लंघन.. एक टेबल से दूसरे टेबल पर लगाना पड़ रहा है चक्कर…

खरसिया (काकाखबरीलाल)। सरकारी कार्यों में पारदर्शिता बनाने और लोगों को इसकी जानकारी उपलब्ध कराने के लिए देशभर में सूचना का अधिकार अधिनियम लागू किया गया। इस अधिनियम का रायगढ़ जिले की विकासखंड खरसिया मैं बहुत प्रभावी नहीं हो पा रहा है। स्थिति यह है कि गांव कस्बे तो दूर जिला मुख्यालय विकासखंड मुख्यालय तक में प्रशासनिक कार्यालयों में नागरिकों की इस अधिकार को पूरा करने की व्यवस्थाएं नहीं की गई है। यही पता नहीं चलता की लोक सूचना अधिकारी का कक्ष कौन सा है। हद तो यह भी है। कि कई दफ्तरों की कर्मचारियों को तक नहीं पता कि लोक सूचना अधिकारी कौन है। ऐसे में इस अधिनियम के तहत जानकारी हासिल करने आवेदन लेकर आने वाले लोगों को सूचनाएं उपलब्ध करने के लिए एक टेबल से दूसरे टेबल पर चक्कर लगाना पड़ता है।

जवाब देते भी हैं जन सूचना अधिकारी तो तोड़ मोड़ कर स्पष्ट जानकारी नहीं देते शासन की मंशा है की शासकीय कार्यों में स्पष्ट पारदर्शिता हो इस अधिनियम की धज्जी उड़ाने में जन सूचना अधिकारी से लेकर प्रथम अपील अधिकारी तक कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं।

आरटीआई कार्यकर्ता डिग्री लाल जगत राम कुमार राठौर ने बुधवार को विकासखंड खरसिया के जनपद कार्यालय महिला बाल विकास विकासखंड शिक्षा अधिकारी कृषि विभाग पुलिस अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय में जाकर पता लगाया तो सूचना का अधिकार का सूचना बोर्ड लगना था कहीं नहीं लगा है। शिक्षा विभाग जाकर पता किए बोर्ड मध्यप्रदेश शासन के समय का बोर्ड अभी भी लगा हुआ है इससे आप अंदाजा लगा सकते हैं कि विभाग कितना सूचना के अधिकार के अधिनियम के लिए गंभीर है अन्य विभागों में भी अधिकारियों से जानकारी लिए अधिकारियों ने कहा कि बोर्ड लगा था फट गया । छत्तीसगढ़ आरटीआई संघ के कार्यकर्ताओं ने अधिकारियों से मांग की कि जल्द ही कार्यालय में सूचना के अधिकार का सूचना बोर्ड लगाया जाए ताकि किसी भी आम नागरिकों को असुविधा का सामना न करना पड़े। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि जल्द ही बोर्ड लगा दी जाएगी।


























