मैत्रीबाग बाग में भी अब नजर आएगी खूबसूरत गुफा

मैत्रीबाग में भी जंगल सफारी की तर्ज पर खूबसूरत गुफा तैयार होनी है। एक्सपांशन के पहले चरण में बहुत से अहम काम होने है। कोरोनाकाल की वजह से यह काम पहले ही 2 साल पिछड़ चुका है। भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबंधन से बजट मिलने का इंतजार किया जा रहा है। बजट मिलते ही संबंधित विभाग मैत्रीबाग में विस्तार का काम शुरू करेगा।स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) मंदी से उभर चुका है। अब मैत्रीबाग में एक्सपांशन के पहले चरण का काम शुरू किया जाना है। प्रबंधन को जू अथॉरिटी ऑफ इंडिया से 5 साल पहले ही इस संबंध में मंजूरी मिल चुकी है। प्रबंधन ने पहले अपना प्रस्ताव भेजा, बाद में अथॉरिटी ने उसमें संशोधन कर मंजदूरी दी।पहले चरण में केजों के अलावा रोड, ब्रिज, कलवर्ट, पानी निकासी की व्यवस्था को तैयार किया जाएगा। अब तक केवल जवाहर उद्यान की बाऊंड्रीवाल व वीआईपी गेट ही बन सका है। यहां के भीतर की एक सड़क बन चुकी है।जू के भीतर प्रवेश करते ही नजर आने वाले पक्षियों व बोनेट मंकी के तमाम पिंजरों को तोड़ा जाएगा। इनको जवाहर उद्यान में बनने वाले नए केज में शिफ्ट किया जाएगा। सांभरों को भी हिरणों के बाजू से हटाकर जवाहर उद्यान में शिफ्ट करने की योजना है। इसके बाद जवाहर उद्यान पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र होगा।
अलग-अलग प्रजातियों के पक्षियों को मिलेगा एक पिंजरा
मैत्रीबाग में अब तक अलग-अलग प्रजातियों के पक्षियों को अलग-अलग रखा जाता रहा है। नए पिंजरे में व्यवस्था अलग तरह की होगी, उसमें ऐसे पक्षियों को साथ-साथ रखा जाएगा, जो एक-दूसरे को नुकसान नहीं पहुंचाते हैं। इनको बड़े पिंजरों में रखा जाएगा।
मैत्रीबाग का कायाकल्प 50 साल बाद होगा। इसके लिए सब कुछ तैयार हो चुका है, बस बजट मिलने की देरी है। प्रबंधन भी इंतजार कर रहा था कि सेल प्रॉफिट में आए, तो कुछ काम लोगों के मनोरंजन से जुड़ा हो जाए।
बढ़ाया गया क्षेत्रफल
नए मास्टर प्लान में जू प्रबंधन ने जू के क्षेत्रफल को बढ़ाने का कार्य किया है। मैत्रीबाग का जू और गार्डन पहले करीब 113 एकड़ में फैला हुआ था। अब जवाहर उद्यान के करीब 57 एकड़ को भी इससे जोड़ दिया गया है। मीडियम जू का दर्जा पाने के लिए यह जरूरी भी था।
मैत्रीबाग में हर माह करीब १ लाख पर्यटक आते हैं। प्रबंधन संख्या को देखते हुए केवल किराया बढ़ा रहा है, जिससे उनको मिलने वाले राजस्व में इजाफा हो। इतना ध्यान दिया जा रहा है।





























