
विजय कुमार चौहान@भंवरपुर/महासमुंद। छत्तीसगढ़ के भंवरपुर और सागरपाली क्षेत्रों में बिजली की अनियमित आपूर्ति और लो वोल्टेज की समस्या ने स्थानीय निवासियों का जीना मुहाल कर दिया है। गर्मी और उमस भरे मौसम में बिजली की आंख मिचौली ने लोगों की परेशानियों को और बढ़ा दिया है। सरकार और बिजली विभाग द्वारा “जीरो पॉवर कट” का दावा किया गया था, लेकिन जमीनी हकीकत इसके विपरीत है। भंवरपुर और सागरपाली जैसे क्षेत्रों में बिजली की स्थिति इतनी खराब है कि लोग रातों को जागने और दिन में परेशानियों का सामना करने को मजबूर हैं।
सागरपाली – भंवरपुर के गांवों में बिजली सब स्टेशन गांव में ही होने के बावजूद लो वोल्टेज की समस्या और गंभीर हो जाती है। भंवरपुर सब स्टेशन से बिजली आपूर्ति होने के बावजूद, पुराने और जर्जर तारों के कारण बिजली की आपूर्ति में बाधा आ रही है। कई बार तो बिजली पूरी तरह गुल हो जाती है, और जब आती है, तो वोल्टेज इतना कम होता है कि उपकरण चलाना मुश्किल हो जाता है।
बरसात के मौसम में तारों और ट्रांसफार्मरों में खराबी की समस्या और बढ़ जाती है। बारिश के कारण शॉर्ट सर्किट और ट्रांसफार्मर के खराब होने की घटनाएं आम हो गई हैं। इसके अलावा, बिजली विभाग के कर्मचारियों की लापरवाही भी एक बड़ा कारण है। कई बार शिकायतों का समाधान करने में देरी होती है, जिससे लोगों का गुस्सा और बढ़ रहा है।
जनजीवन पर प्रभाव
लो वोल्टेज और बिजली कटौती का सबसे ज्यादा असर किसानों, छात्रों और छोटे व्यवसायियों पर पड़ रहा है। भंवरपुर और सागरपाली जैसे ग्रामीण क्षेत्रों में किसान धान की रोपाई और सिंचाई के लिए बिजली पर निर्भर हैं। लो वोल्टेज के कारण ट्यूबवेल और पंप काम नहीं करते, जिससे फसलें चौपट होने का खतरा बढ़ गया है। भंवरपुर क्षेत्र में किसानों ने बताया कि बिजली की कमी के कारण उनकी फसलें सूख रही हैं, जिससे उनकी आजीविका पर संकट मंडरा रहा है।
छात्रों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। रात में लो वोल्टेज के कारण बल्ब और पंखे काम नहीं करते, जिससे पढ़ाई करना मुश्किल हो गया है। छोटे व्यवसायी, दुकानदार और लघु उद्योग चलाने वाले, भी बिजली की कमी के कारण नुकसान उठा रहे हैं। उमस भरी गर्मी में बिजली की अनुपस्थिति ने बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर भी बुरा असर डाला है।
भंवरपुर और सागरपाली में लो वोल्टेज और बिजली कटौती की समस्या ने लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। सरकार का “जीरो पॉवर कट” का दावा जमीनी हकीकत से कोसों दूर है। किसानों, छात्रों और आम लोगों की परेशानियां बढ़ती जा रही हैं, और बिजली विभाग की लापरवाही ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। इस समस्या का समाधान तभी संभव है जब बुनियादी ढांचे में सुधार, वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों का उपयोग और शिकायत निवारण तंत्र को मजबूत किया जाए। जब तक ठोस कदम नहीं उठाए जाते, तब तक भंवरपुर और सागरपाली के निवासी उमस भरी गर्मी और बिजली की आंख मिचौली से जूझते रहेंगे।

























