जल जंगल जमीन के साथ बुनियादी सुविधा उपलब्ध कराना मेरी पहली प्राथमिकता – सम्पत

नगर पंचायत अध्यक्ष सम्पत अग्रवाल ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन भरने के बाद पत्रकार वार्ता कही अपनी बात
शुकदेव वैष्णव,काकाखबरीलाल/बसना। गुरुवार को शाम 6:00 बजे बसना विधानसभा के निर्दलीय प्रत्याशी सम्पत अग्रवाल ने अपने निवास पर पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि देश को आजाद हुए 70 वर्ष से अधिक हो चुका है लेकिन बसना विधानसभा का यह स्थिति है शुरुवाती पंचवर्षीय कार्यकाल को छोड़कर हम हमेशा बाहरी व्यक्तियों को अपना विधायक एवं मुखिया बनाते हैं आ रहे है, जोकि हमारे ऊपर सिर्फ अपना राजतंत्र चलाते रहे हैं विधायक के पद पर होते हुए भी वे क्षेत्र के विकास को भूलकर अपने जन्म भूमि का विकास करने में जुटे रहते हैं. नवोदय विद्यालय, केंद्रीय विद्यालय बसना एवं बिजली विभाग का बड़ा कार्यालय बसना में न होकर सरायपाली में बनाया गया जिसका परिणाम क्षेत्र की जनता भुगत रही है. अगर बसना क्षेत्र का कोई व्यक्ति विधायक बनता है तो वह अपने जन्म भूमि का विकास चाहता, विकास को आगे बढ़ाता। हर कोई अपने क्षेत्र की चिंता करता है. यदि बसना का विधायक होता अपने क्षेत्र की चिंता करता। श्री सम्पत अग्रवाल ने आगे कहा कि मैं 101 दिन की सेवा समर्पण यात्रा के माध्यम से बसना विधानसभा के एक-एक गांव में जाकर देख चुका हूं और क्षेत्र के एक – एक व्यक्ति से मिल चुका हूं । गांव में समस्याओं की अम्बार है, कहीं बिजली की समस्या है तो कहीं सड़कों की दुर्दशा देखी नहीं जाती। कई सड़कों से डामर गायब हैं. बड़े-बड़े गढ्ढे हो चुके हैं। नल जल योजना की कमी के कारण पीने के पानी की समस्या है ऐसे तो छोटी बड़ी समस्या वृहद समस्या देखी गई है और इस यात्रा के माध्यम से मैंने अपने डायरी में सभी समस्या को नोट भी किया है। साथ ही संबंधित विभाग को सूचनार्थ भी किया है, और मैंने क्षेत्र के पिछड़ने का अध्ययन किया तो स्थानीय विधायक के अभाव के चलते क्षेत्र में समस्याओं का पहाड़ बना हुआ है। इसी समस्या से क्षेत्रवासियों को निजात दिलाने उनकी आवाज बन कर उनके समर्थन के बलबूते निर्दलीय विधायक प्रत्याशी के रूप में खड़ा हूं । उन्होंने आगे कहा कि चुनाव में नहीं लड़ रहा बल्कि बसना विधानसभा के जनता – आम मतदाता चुनाव लड़ रहे हैं। अपने हक की लड़ाई के लिये क्षेत्र की जनता चुनाव लड़ेगी चऔर प्रचंड मतो से अपने विजय प्राप्त करते हुए छत्तीसगढ़ के 90 विधानसभा में बसना विधानसभा का नाम रोशन कर गौरवान्वित करेगी।
पेयजल – निस्तारी, खेतों की सिंचाई मूलभूत समस्या
बसना विधानसभा क्षेत्र की सबसे बड़ी समस्या पानी की है। इस समस्या के समाधान के लिए जोक परियोजना के क्षेत्र के नदी नालों में स्टॉप डेम बनाकर गांव गांव में पेयजल की सुविधा पहली प्राथमिकता रहेगी । साथ ही बचे हुए पानी से खेती को बचाया जाएगा । खेती का अन्न है तो हम हैं। हमारे पूर्वजों ने एक सपना देखा था। हमारे पूर्वजों ने जोक नदी में बड़े बांध बनाकर उसमें क्षेत्र के खेतों तक सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराने का। इस मांग – योजना को पूरा करने के लिए पूरे बसना विधानसभा में बड़े आंदोलन कर राज्य एवं केंद्र सरकार तक आवाज पहुंचाई जाएगी। जोक नदी में बांध बनेगा और बसना क्षेत्र के हर खेतों में सिंचाई की सुविधा होगी हर खेत फसल से लह लहराएगा। धन-धान्य से बसना का यह क्षेत्र समृद्ध होगा।
पलायन करने वालो पर विशेष ध्यान दिया जाएगा
क्षेत्रवासियों को पलायन करने की मजबूरी क्यों होती है, बसना क्षेत्र कृषि प्रधान क्षेत्र है अंचल में अधिकतर लोग कृषि मजदूरी करके अपना जीवन यापन करते हैं पिछले समय का आकलन किया जाए तो क्षेत्र में कम बारिश के चलते बार बार अकाल पड़ता रहता है। जिससे मजदूर खाली घरों पर बैठे रहते हैं। उनके पास किसी प्रकार का रोजगार और आय का साधन न होने पर वे क्षेत्र से दूसरे राज्य पलायन करना पड़ता है.
सिंचाई सुविधा बढ़ाकर खेतिहर मजदूरों को खेती में रोजगार उपलब्ध कराना एवं पढ़े लिखे लोगों को विभिन्न प्रौद्योगिकीय संस्थानों की स्थापना कर शिक्षित बेरोजगारों को नोकरी दिलाना तथा योग्यता के अनुरूप निजी एवं शासकीय विभागों में योजनाबद्ध तरीके से क्षेत्र के बेरोजगार युवकों को रोजगार दिलाया जाएगा। रोजगार दिला कर पलायन को नियंत्रण किया जाएगा। जिससे क्षेत्र के विकास में अहम योगदान साबित होगा।

























