सरायपाली

सरायपाली : स्कूल में बुनियादी सुविधाओं का अभाव अन्य जगह स्थानांतरित करने की मांग

सरायपाली (काकाखबरीलाल). विकासखण्ड के कई स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की कमी देखी जा सकती है। कहीं बिल्डिंग की कमी है तो कहीं चारदीवारी ही नहीं है। यही नहीं, अधिकांश स्कूलों में पेयजल, शौचालय, बिजली, पर्याप्त शिक्षक जैसे बुनियादी चीजों की भी कमी बनी हुई है। ऐसा ही मामला स्थानीय शासकीय इंग्लिश मीडियम स्कूल वीरेन्द्रनगर में देखने को मिला, जहां भवन की कमी के कारण दो पालियों में कक्षाएं संचालित होती हैं। यहां 2018 में अंग्रेजी माध्यम की कक्षाएं शुरू होने के बाद से वर्तमान में 260 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। सिर्फ दो कमरों के लिए यह काफी नहीं है। इंग्लिश मीडियम स्कूल का स्वयं का भवन नहीं होने से यहां के विद्यार्थियों को हिन्दी मीडियम स्कूल के कमरों में बिठाकर दो पालियों में संचालित की जा रही है। सुबह 7.30 बजे से 12 बजे तक इंग्लिश मीडियम स्कूल की कक्षाएं तथा 12 बजे से 4 बजे तक हिन्दी मीडियम स्कूल की

कक्षाएं संचालित होती है। पूरा भवन हिन्दी मीडियम स्कूल का होने के कारण यहां के शिक्षकों एवं पालक समितियों द्वारा नए भवन की मांग की जा रही है। इसके अलावा यहां कई सुविधाओं का अभाव है। जैसे शौचालय, खेल मैदान, घेरा, जगह की कमी आदि कई कारणों से यहां बच्चों को पढ़ाई सहित अन्य परेशानियों का सामना करना पड़ता है। पालक समिति के अध्यक्ष शाहजाह, उपाध्यक्ष जयकुमार भोई सदस्य रोहित पटेल, साजिद मेनन, बिरंची
पाणिग्राही, अभेल नाग, सरस्वती बाघ, नीलिवी, गीता ताण्डी, सविता जांगडे, संगीता, राजकुमारी सेठ आदि ने बताया कि इंग्लिश मीडियम स्कूल की वजह से वे अपने बच्चों को यहां भर्ती कराए, लेकिन यहां सुविधाओं की कमी के कारण बच्चों को ही परेशानी झेलनी पड़ रही है। यहां भवन की कमी की वजह से बच्चों को कक्षाओं में खचा खच भरकर पढ़ाई पूरी करवाते है। यहां बच्चों के बैठने के लिए बैच भी दो कक्षाओं के अलावा अन्य कक्षाओं में नहीं है। बैंच में 2 सुविधाएं हैं
बच्चे के बैठने के स्थान पर 3 बच्चे बैठते है। यहां कक्षा पहली में 53 बच्चे, दूसरी में 70, तीसरी में 41, चौथी में 47 तथा पांचवी में 45 बच्चे अध्ययनरत है। शाला भवन में अहाता नहीं होने की वजह से बच्चों पर हमेशा खतरा मंडराते रहता है। स्कूल के सामने से ही रास्ता है, जिसमें लोग मोटर सायकल से आना जाना करते रहते है। वहीं यहां स्कूल में 4 शौचालय हैं जिनमें 1 ही शौचालय चालू है, बाकी बंद है। उन्होंने बताया कि यहां पर समिति के खर्च पर एक स्वीपर रखे हैं, स्कूल शुरू होने के चार साल बाद भी एक भी सफाई कर्मचारी नहीं है। पालकों ने बताया कि 260 विद्यार्थियों के लिए 1 शौचालय काफी नहीं है। यहां पर अहाता नहीं होने की वजह से आसामाजिक तत्वों का डेरा हमेशा मंडराते रहता है। समिति के सदस्यों ने सुझाव देते हुए कहा कि अगर स्कूल भंवरपुर रोड स्थित मूक बधिर स्कूल जो बंद पड़ी है, वहां पर स्थानांतरित कर दिया जाए तो वहां बच्चों के लिए सुविधा हो सकती है। उस भवन में सारी सुविधाएं हैं.

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छत्तरसिंग पटेल

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